SBI Strike : अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम अटका हुआ है, जैसे कैश जमा करना, चेक क्लियर कराना या लोन से जुड़ा कोई दस्तावेजी काम, तो उसे तुरंत निपटा लीजिए.आने वाले दिनों में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के ग्राहकों को एक बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. तारीखों के ऐसे फेरबदल और एसबीआई कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के कारण लगातार 6 दिनों तक बैंकिंग सेवाएं ठप रह सकती हैं. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि यह पूरा मामला क्या है और बैंक कब से कब तक बंद रहेंगे.
क्यों बन रहे हैं लगातार 6 दिन बंदी के आसार ?
दरअसल, मई के आखिरी हफ्ते में वीकेंड (शनिवार-रविवार), बैंक कर्मचारियों की हड़ताल और त्योहार की छुट्टियां एक साथ पड़ रही हैं. इस वजह से कुछ राज्यों में लगातार 6 दिन बैंक शाखाएं बंद रह सकती हैं.
- 23 मई: चौथा शनिवार (देशभर में बैंक बंद)
- 24 मई: रविवार (साप्ताहिक अवकाश)
- 25 मई: SBI कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल
- 26 मई: SBI कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल (दूसरा दिन)
- 27 मई: बकरीद का त्योहार (अवकाश)
- 28 मई: बकरीद की छुट्टी (कुछ राज्यों में स्थानीय अवकाश के आधार पर)
हड़ताल क्यों कर रहे हैं SBI कर्मचारी ?
एसबीआई कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठनों में से एक, All India State Bank of India Staff Federation (AISBISF) ने 25 और 26 मई को दो दिनों की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है. यूनियन का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर मैनेजमेंट से बात कर रहे हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने के कारण उन्हें मजबूरी में यह कदम उठाना पड़ रहा है.
कर्मचारी यूनियन की प्रमुख मांगें
यूनियन ने बैंक प्रबंधन के सामने 16 प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें मुख्य रूप से ये शामिल हैं.
- स्टाफ की कमी: खाली पड़े पदों पर नई भर्तियां की जाएं, खासकर मैसेंजर और सशस्त्र गार्ड (सिक्योरिटी गार्ड) की कमी को दूर किया जाए.
- आउटसोर्सिंग पर रोक: स्थायी प्रकृति के कामों को बाहरी एजेंसियों (आउटसोर्सिंग) को देना बंद हो.
- ट्रांसफर और प्रमोशन नीति: कर्मचारियों के ट्रांसफर और प्रमोशन के नियमों में सुधार किया जाए.
- पेंशन और एनपीएस (NPS): रिटायर हो चुके और एनपीएस के तहत आने वाले कर्मचारियों की पेंशन नीतियों में सुधार हो.
- गलत बिक्री (Mis-selling) पर रोक: इंश्योरेंस या अन्य प्रोडक्ट्स को ग्राहकों को गलत तरीके से बेचना (क्रॉस-सेलिंग के नाम पर) बंद किया जाए.
आम ग्राहकों पर इसका क्या असर पड़ेगा ?
इस लंबी बंदी के दौरान अगर आप बैंक की शाखा (Branch) में जाकर काम कराना चाहते हैं, तो आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.
- प्रभावित होने वाली सेवाएं: कैश जमा करना या निकालना, चेक क्लियरिंग, लोन पास कराना, और केवाईसी (KYC) अपडेट जैसे कागजी काम पूरी तरह रुक सकते हैं.
- एटीएम (ATM): लगातार कई दिनों तक बैंक बंद रहने से एटीएम में भी कैश की किल्लत हो सकती है.
भले ही बैंक की शाखाएं बंद रहें, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे UPI (गूगल पे, फोन पे आदि), मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, NEFT और RTGS सामान्य रूप से चालू रहेंगी. हालांकि, ट्रैफिक बढ़ने के कारण कभी-कभी इनमें मामूली तकनीकी रुकावट आ सकती है.
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