Sarkari Yojana For Farmers: किसान भाइयों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से तीन शानदार योजनाएं चलाई जा रही हैं. पहली, पीएम किसान योजना, दूसरी, प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना और तीसरी, किसान क्रेडिट कार्ड योजना. हालांकि, योजनाओं की सही जानकारी न होने के कारण किसान भाई इनका पूरा लाभ नहीं उठा पाते हैं. आज हम आपको इन तीनों योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं.
पीएम किसान योजना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दी जाती है. यह राशि ₹2,000-₹2,000 की तीन समान किस्तों में ट्रांसफर की जाती है. केंद्र सरकार अब तक किसानों के खाते में 23 किस्तों का भुगतान कर चुकी है.
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना एक पेंशन योजना है, जो सभी भू-धारक लघु एवं सीमांत किसानों (महिला एवं पुरुष दोनों) के लिए है. 18 से 40 वर्ष की आयु के किसान इस योजना से जुड़ सकते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है.
- लाभ: 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर ₹3,000 प्रति माह (वार्षिक ₹36,000) की निश्चित पेंशन.
- पात्रता आयु: 18 से 40 वर्ष.
- भूमि की सीमा: 2 हेक्टेयर (लगभग 5 एकड़) तक खेती योग्य भूमि वाले छोटे और सीमांत किसान.
- मासिक अंशदान: उम्र के हिसाब से ₹55 से ₹200 प्रति माह का योगदान.
- सरकारी सहायता: किसान जितना अंशदान करता है, उतनी ही बराबर राशि (50%) केंद्र सरकार भी जमा करती है.
किसान क्रेडिट कार्ड योजना
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना भारत सरकार की एक प्रमुख वित्तीय पहल है. इसके तहत किसानों को फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक के खर्चों और अन्य कृषि कार्यों के लिए कम ब्याज दर पर आसान ऋण उपलब्ध कराया जाता है.
- ब्याज दर: 4% प्रतिवर्ष (समय पर भुगतान करने पर).
- बिना गारंटी लोन: ₹1.60 लाख तक का बिना किसी गारंटी के ऋण.
- क्रेडिट सीमा: किसान की जमीन, फसल के प्रकार और खर्चों के आधार पर ₹3 लाख से ₹5 लाख तक का रियायती ऋण.
- कार्ड की वैधता: KCC की वैधता 5 वर्ष होती है, जिसका हर साल नवीनीकरण (Renew) कराना होता है.
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