45 दिनों में खाते में आएगा पैसा ! सहारा इंडिया के इन 4 सोसायटियों के निवेशकों के लिए नया नियम, ऐसे करें अप्लाई

Sahara Refund: सहारा इंडिया के निवेशकों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी आई है! अगर आपका पैसा सहारा की सोसायटियों में फंसा है, तो अब आप ₹10 लाख तक की रकम वापस पाने के लिए क्लेम कर सकते हैं. पहले यह सुविधा सिर्फ छोटी रकम वालों के लिए थी.

Sahara Refund: सहारा इंडिया के निवेशकों के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है. अगर आपका पैसा भी सहारा की सोसायटियों में फंसा है, तो अब आपके लिए अपनी कमाई वापस पाने का रास्ता और भी साफ हो गया है. अब तक सहारा रिफंड पोर्टल पर केवल छोटे निवेशक (कम रकम वाले) ही आवेदन कर पा रहे थे. लेकिन अब सरकार ने इसकी सीमा बढ़ा दी है.

गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर, अब वे लोग भी अपना पैसा वापस मांग सकते हैं जिनका ₹10 लाख तक जमा है. यह उन लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है जिनकी जीवन भर की बचत इन सोसायटियों में अटकी हुई थी.

इन 4 सोसायटियों के पैसे मिलेंगे वापस

अगर आपने इन चार सोसायटियों में निवेश किया है, तो आप रिफंड के हकदार हैं.

  • सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी
  • सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी
  • हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी
  • स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी
सहारा रिफन्ड पोर्टल

क्या है पैसा वापस पाने का तरीका ?

रिफंड की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है.

  • पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले ‘CRCS-Sahara Refund Portal’ पर लॉग-इन करें.
  • दस्तावेज तैयार रखें: आपके पास आधार कार्ड और उससे जुड़ा मोबाइल नंबर होना चाहिए. इसके बिना आवेदन नहीं होगा.
  • PAN कार्ड जरूरी: अगर आपका दावा ₹50,000 से ज्यादा का है, तो पैन कार्ड (PAN Card) अपलोड करना अनिवार्य है.
  • रसीद और बॉन्ड: निवेश की असली रसीद, मेंबरशिप नंबर और पासबुक की स्कैन कॉपी साथ रखें.
  • खास बात: अगर आपने पहले आवेदन किया था और किसी गलती (Deficiency) की वजह से फॉर्म रिजेक्ट हो गया था, तो अब आप उसे सुधार कर ‘Resubmit’ भी कर सकते हैं.

कितने दिनों में आएगा पैसा ?

  • सरकार ने इस प्रक्रिया के लिए 45 दिनों का समय तय किया है.
  • पहले 30 दिन: सहारा सोसाइटी आपके दस्तावेजों की जांच करेगी कि वे उनके रिकॉर्ड से मेल खाते हैं या नहीं.
  • अगले 15 दिन: सरकारी अधिकारी आपके दावे पर मुहर लगाएंगे और पैसा सीधे आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

इन 3 बातों का रखें खास ख्याल

  • एक ही बार में भरें सारा ब्यौरा: अगर आपके पास सहारा के एक से ज्यादा बॉन्ड या रसीदें हैं, तो उन सबको एक ही आवेदन में भरें. अलग-अलग रसीदों के लिए बार-बार फॉर्म भरने की सुविधा नहीं है.
  • स्पेलिंग की गलती न करें: अक्सर नाम या रसीद नंबर भरने में छोटी सी चूक की वजह से क्लेम रिजेक्ट हो जाते हैं. फॉर्म को सबमिट करने से पहले दो बार चेक करें.
  • असली सबूत जरूरी: रिफंड केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके पास निवेश के असली कागजात हैं और जिनका डेटा पोर्टल से मैच करेगा.

Also Read: Crude Oil Crisis : रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए सरकार का फैसला, अब रिफाइनरियों को माननी होंगी ये शर्तें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >