Retirement Planning: FD रिटर्न नहीं काफी, मजबूत रिटायरमेंट प्लानिंग अभी जरूरी!

Retirement Planning In India: एक 50 साल के निवेशक के लिए सिर्फ FD पर भरोसा करना रिटायरमेंट को असुरक्षित बना सकता है. महंगाई तेजी से बढ़ रही है और आज का 60,000 रुपये का खर्च पांच साल में 80,000 हो जाने वाला है. विशेषज्ञ मानते हैं कि आरामदायक रिटायरमेंट के लिए करीब 1.83 करोड़ की जरूरत होगी, जबकि 80 लाख की FD सिर्फ आधी जरूरत पूरी कर पाती है. ऐसे में FD के साथ इक्विटी और हाइब्रिड फंड जैसे ग्रोथ ऑप्शन जरूरी हैं, जो 9–11% तक रिटर्न दे सकते हैं. सही प्लानिंग, इमरजेंसी फंड और हेल्थ इंश्योरेंस के साथ ही सुरक्षित और चिंता-मुक्त रिटायरमेंट संभव है.

Retirement Planning In India: आज की युवापीढ़ी जल्दी रिटायरमेंट के सपने देखती तो है, लेकिन असली सवाल ये है कि क्या हमारी सेविंग्स उस सपने को पूरा कर पाएगी? अगर कोई 50 साल का व्यक्ति अभी 80 लाख रुपये FD में रखकर 55 तक रिटायर होना चाहता है, तो क्या ये संभव है? पहली नजर में यह रकम ठीक लगती है, लेकिन असलियत कुछ और ही होती है. 

आने वाले समय में महंगाई आपकी जेब पर कितना बोझ डाल देगी?


आज का 60,000 रुपये का मासिक खर्च पांच साल बाद करीब 80,000 रुपये तक पहुंच जाने वाला है. महंगाई हर साल चुपचाप आपकी खर्च बढ़ाती है चाहे वो राशन हो, दवाई हो या रोजमर्रा की जरूरतें हो. विशेषज्ञों का कहना है कि 55 से 75 की उम्र तक आराम से जीने के लिए करीब 1.83 करोड़ रुपये की जरूरत पड़ सकती है. सिर्फ FD में पैसे रखने से मिलने वाला रिटर्न महंगाई के मुकाबले बहुत कमजोर साबित होता है. 

सिर्फ FD में पैसा रखना क्यों खतरनाक है?


FD पर मिलने वाला 6–7% ब्याज टैक्स के बाद और घट जाता है. ऊपर से कीमतें लगातार बढ़ती हैं, जबकि FD का रिटर्न लगभग एक जैसा रहता है. इस वजह से 80 लाख रुपये का फंड रिटायरमेंट की जरूरतों का सिर्फ आधा हिस्सा ही कवर कर पाता है. मतलब ये है की 70 साल की उम्र से पहले ही पैसे खत्म होने का खतरा बन जाता है.  

फिर रास्ता क्या है FD के साथ क्या और ऐड कर सकते हैं?

सिर्फ सुरक्षित विकल्पों में निवेश करने से पैसा बढ़ता नहीं है बस टिकता है.  विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि FD के साथ थोड़ा निवेश इक्विटी और हाइब्रिड म्यूचुअल फंड्स में होना चाहिए, ताकि 9–11% तक का रिटर्न मिल सके.  इससे 1 करोड़ से ज्यादा का फंड बनाना आसान हो जाता है और रिटायरमेंट के समय फंड खत्म होने का डर भी कम हो जाता है. 

रिटायरमेंट के बाद भी 20–30% पैसा ग्रोथ वाली स्कीम्स में रखना जरूरी है, ताकि महंगाई के समय आसानी से जिंदगी कट सके. साथ ही, 3–6 महीने का इमरजेंसी फंड और अच्छा हेल्थ इंश्योरेंस बड़ा सहारा बनता है.

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लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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