नींबू पानी पर वसूला 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’; सरकार ने 1915 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की दी सलाह

LPG Gas Crisis Charges: केंद्र सरकार ने रेस्टोरेंट बिल में ‘LPG चार्ज’ जोड़ने पर रोक लगा दी है. ग्राहक एक्स्ट्रा चार्ज दिखने पर हेल्पलाइन 1915 या ई-जाग्रति पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

LPG Gas Crisis Charges: सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने साफ कर दिया है कि होटल और रेस्टोरेंट अपने बिल में खाने की कीमत के अलावा सिर्फ सरकारी टैक्स (GST) ही जोड़ सकते हैं. अगर कोई रेस्टोरेंट गैस की बढ़ती कीमतों या ऑपरेशनल खर्च का बहाना बनाकर अलग से कोई ‘सरचार्ज’ वसूलता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.

इनपुट कॉस्ट को मेन्यू में ही शामिल करना होगा

CCPA के आदेश के मुताबिक, रेस्टोरेंट को अपने सभी खर्च, चाहे वह गैस हो, बिजली हो या स्टाफ की सैलरी, मेन्यू कार्ड में दी गई कीमतों में ही शामिल करने होंगे. ग्राहक को बिल देते समय खाने की तय कीमत के ऊपर कोई भी ‘एक्स्ट्रा फीस’ नहीं वसूली जा सकती. अथॉरिटी का मानना है कि बिल के अंत में अचानक नए नाम से चार्ज जोड़ना ग्राहकों के साथ धोखा है.

बेंगलुरु के कैफे की ‘चालाकी’ ने खोली पोल

इस मामले में सख्ती तब बढ़ी जब बेंगलुरु के एक कैफे का मामला सामने आया. उस कैफे ने नींबू पानी (Mint Lemonade) के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ लगा दिया था. कैफे ने पहले डिस्काउंट दिया और फिर जीएसटी के साथ ₹17 का एक्स्ट्रा चार्ज जोड़ दिया. CCPA की जांच में पाया गया कि कई रेस्टोरेंट ‘सर्विस चार्ज’ पर लगी रोक से बचने के लिए अब LPG चार्ज या फ्यूल चार्ज जैसे नए नामों का सहारा ले रहे हैं.

‘गैस क्राइसिस चार्ज’ वाला बिल

सर्विस चार्ज पर लगी रोक को घुमाने की कोशिश

अथॉरिटी ने चेतावनी दी है कि होटल-रेस्टोरेंट पुराने ‘सर्विस चार्ज’ वाले नियम को बाईपास करने की कोशिश कर रहे हैं. इसे उपभोक्ता अधिकारों का हनन बताते हुए CCPA ने सभी राज्यों को सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. ग्राहकों को जागरूक रहने की जरूरत है कि बिल में खाने की बेस प्राइस और जीएसटी के अलावा तीसरा कोई भी कॉलम ‘सर्विस’ या ‘गैस’ के नाम पर नहीं होना चाहिए.

अगर आपसे वसूला जाए एक्स्ट्रा चार्ज, तो क्या करें?

अगर आप किसी होटल या रेस्टोरेंट में जाते हैं और बिल में ‘LPG चार्ज’ या ‘फ्यूल चार्ज’ जैसा कुछ दिखता है, तो सबसे पहले मैनेजमेंट से उसे हटाने को कहें. अगर वे इसे हटाने से मना करते हैं, तो आप इन 4 तरीकों से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.

  • हेल्पलाइन: नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन नंबर 1915 पर तुरंत कॉल करें.
  • मोबाइल ऐप: NCH ऐप के जरिए अपनी शिकायत और बिल की फोटो अपलोड करें.
  • ऑनलाइन पोर्टल: e-Jagriti पोर्टल पर जाकर डिजिटल शिकायत दर्ज करें.
  • कलेक्टर को शिकायत: आप सीधे जिला कलेक्टर या सीधे CCPA को भी पत्र लिख सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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