रिलायंस एजीएम आज: मुकेश अंबानी निवेशकों को दे सकते हैं बड़ा तोहफा, 5जी प्लान और डिवाइस; क्या उम्मीद करें

Reliance Industries का एजीएम आज दोपहर आयोजित किया जाना है. भारतीय बाजार में इसका बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है. मुकेश अंबानी अपने कंपनी के एजीएम में निवेशकों को बड़ा तोहफा दे सकते हैं.

Reliance Industries का एजीएम आज आयोजित किया जा रहा है. बाजार के जानकार बता रहे हैं कि मुकेश अंबानी आज कंपनी के निवेशकों को लेकर बड़ी घोषणा कर सकते हैं. ये एजीएम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में कंपनी के द्वारा NBFC के क्षेत्र में एक बड़ा कदम रखा गया है. समझा जा रहा है कि मुकेश अंबानी अपने एजीएम में जियो फाइनेंस को लेकर भी कुछ घोषणा कर सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (Reliance Reial Ventures Limited) के आठ से दस प्रतिशत की हिस्सेदारी बेचने की भी घोषणा कर सकते हैं. शेयर बाजार में ये कयास इस सूचना के बाद से लगाया जा रहा कि कतर इंवेस्टमेंट अथॉरिटी (Qatar Investment Authority) ने 100 बिलियन डॉलर के वैल्यू पर रिलायंस रिटेल में 0.99 फीसदी खरीदी. इस डील की वैल्यू वैल्यू 8.278 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है. जबकि 2020 में रिलायंस रिटेल ने 10 फीसदी हिस्सेदारी बेचकर 4.21 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर 47,260 करोड़ रुपये जुटाये थे. इस बीच वर्ष में कंपनी की वैल्यू दोगुना से ज्यादा बढ़ गयी है.

रिलायंस की हिस्सेदारी घटी

बाजार के जानकार बताते हैं कि एजीएम में मुकेश अंबानी आईपीओ लाने की घोषणा कर सकते हैं. कंपनी के द्वारा इन पैसों का इस्तेमाल विस्तार, ऋण चुकौती, और सार्वजनिक सूचीकरण में किया जाएगा. कतर इवेंस्टमेंट अथॉरिटी के साथ डील के बाद से भी देशी और विदेशी दोनों निवेशकों नजर रिलायंस के एजीएम पर है जिसमें रिलायंस रिटेल के आईपीओ की टाइमलाइम को लेकर घोषणा किए जाने की संभावना जताई जा रही है. कतर इवेंस्टमेंट के हिस्सेदारी खरीदने के बाद रिलायंस की कंपनी में हिस्सेदारी 89.9 फीसदी से घटकर 88.9 फीसदी रह गयी है.रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड रिलायंस के रिटेल कारोबारी की होल्डिंग कंपनी है जिसकी डायरेक्टर मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी हैं. हालांकि, गुरुवार को रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड के शेयर में बिकवाली का दौर देखने को मिला.

रिलायंस रिटेल ने बीते वित्त वर्ष में एक अरब लेनदेन का आंकड़ा किया पार

रिलायंस रिटेल ने वित्त वर्ष 2022-23 में एक अरब लेनदेन का आंकड़ा पार कर लिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई. वित्त वर्ष 2022-23 में रिलायंस रिटेल के डिजिटल कॉमर्स व नए कॉमर्स व्यवसायों ने इसके 2.60 लाख करोड़ रुपये के राजस्व में 18 प्रतिशत का योगदान दिया. कंपनी ने समीक्षाधीन अवधि में 3,300 नई दकुानें खोलीं। अब उसकी कुल 18,040 दुकानें हैं. रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार कि वित्त वर्ष 2022-23 में कारोबार सालाना आधार पर 42 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ एक अरब के लेनदेन के आंकड़े को पार कर गया. दुकानों में 78 करोड़ से अधिक ग्राहक आए, जो सालाना आधार पर 50 प्रतिशत अधिक है.

खुदरा, दूरसंचार के बाद रिलायंस की नजरें वित्तीय सेवाओं, नए ऊर्जा कारोबार पर

सबसे कम समय में भारत का सबसे बड़ा खुदरा विक्रेता व दूरसंचार संचालक बनाने के बाद अरबपति मुकेश अंबानी की निगाहें अब अपनी वित्तीय सेवा कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (जेएफएसएल) के जरिए देश के सबसे बड़े गैर-बैंकिंग ऋणदाता के रूप में आगे बढ़ाने पर है. रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की हालिया वार्षिक रिपोर्ट में अंबानी ने कहा कि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (जेएफएस) लिमिटेड, डिजिटल और खुदरा कारोबारों के कौशल का लाभ उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि कंपनी कि रिलायंस की तकनीकी क्षमताओं का लाभ उठाएगी. अंबानी ने कहा कि डिजिटल रूप से वित्तीय सेवाएं प्रदान करने वाली इकाई भारतीय नागरिकों की वित्तीय सेवाओं तक पहुंच कायम करेगी. इसके जल्द ही सूचीबद्ध होने की उम्मीद है. रिलायंस की 28 अगस्त को वार्षिक शेयरधारकों की बैठक में इस पर मार्गदर्शन मिल सकता है. जेएफएस की रिलायंस में 6.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है। कंपनी ने संयुक्त उद्यम स्थापित करने के लिए ब्लैकरॉक के साथ पिछले महीने साझेदारी की घोषणा की थी.

धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद बने कंपनी के चेयरमैन

अंबानी रिलायंस के निदेशक मंडल में 1977 से हैं और जुलाई, 2002 में अपने पिता और समूह के संस्थापक धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद कंपनी के चेयरमैन बन गए थे. शेयरधारकों को भेजे गए विशेष प्रस्ताव में रिलायंस ने कहा कि उसके निदेशक मंडल ने 21 जुलाई, 2023 को मुकेश अंबानी को प्रबंध निदेशक के तौर पर आगे पांच साल के लिए नियुक्ति करने को मंजूरी दे दी है. प्रस्ताव में कहा गया कि अंबानी ने वित्त वर्ष 2008-09 से वित्त वर्ष 2019-20 तक अपना वार्षिक पारिश्रमिक 15 करोड़ रुपये तय किया था. इसके बाद वित्त वर्ष 2020-21 के बाद से उन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपना वेतन छोड़ने का विकल्प चुना. वित्त वर्ष 2020-21 से लगातार तीन वर्षों तक उन्हें कोई वेतन और लाभ-आधारित कमीशन का भुगतान नहीं किया गया है. प्रस्ताव में कहा गया कि अंबानी के अनुरोध पर बोर्ड ने सिफारिश की है कि 19 अप्रैल, 2024 से 18 अप्रैल, 2029 तक प्रस्तावित अवधि के लिए उन्हें कोई वेतन या लाभ-आधारित कमीशन का भुगतान नहीं किया जाएगा.

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