Coronavirus Effect : बाजार में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए दो अरब डॉलर की अदला-बदली करेगा RBI

Coronavirus का भारतीय शेयर बाजार और विदेशी मुद्रा बाजार में जारी भारी गिरावट को देखते हुए बाजार में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने गुरुवार को दो अरब डॉलर की अदला-बदली करने का ऐलान किया है.

मुंबई : कोरोना वायरस के भय से बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय रिजर्व बैंक ने विदेशी विनिमय बाजार में नकद धन का पर्याप्त प्रवाह सुनिश्चित करने उपायों की घोषणा की है, जिसमें मुद्रा अदला-बदली के तहत दो अरब डॉलर के अनुबंधों की नीलामी शामिल है. अदला-बदली के तहत डॉलर के लिए अनुबंध की पहली नीलामी सोमवार को होगी.

रिजर्व बैंक ने कहा कि वित्तीय बाजार की परिस्थितियों की समीक्षा के बाद बाजार में अमेरिकी डॉलर की जरूरत को देखते हुए विदेशी विनिमय विनिमय बाजार में नकदी प्रवाह बढ़ाने के उद्येश्य से डॉलर की अदला-बदली के छह महीने के अनुबंध किये जाने का फैसला किया गया है. अदला-बदली के सौदे कई बार नीलामी के जरिये किये जाएंगे. नीलामी की दरें अलग-अलग होंगी.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि इसकी शुरुआत 16 मार्च को दो अरब डॉलर के सौदे के साथ होगी. इसके तहत, इच्छुक बैंक रिजर्व बैंक से अमेरिकी मुद्रा का हाजिर सौदा करेंगे तथा इसके साथ ही अनुबंध की अवधि की समाप्ति पर वे उतने ही डॉलर के बराबर की विदेशी मुद्रा निर्धारित दर पर बेचने का करार करेंगे.

रिजर्व बैंक ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण फैलने, कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें गिरने तथा विकसित अर्थव्यवस्थाओं में बॉन्ड से आय में गिरावट आने से दुनिया भर में वित्तीय बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है. सुरक्षित निवेश की ओर से निवेशकों के भागने से सभी संपत्ति श्रेणियों में उथल-पुथल देखने को मिल रही है. कई उभरते बाजारों की मुद्राएं गिरावट के दबाव से जूझ रही हैं. रिजर्व बैंक ने कहा कि छह मार्च, 2020 को देश का विदेशी मुद्रा भंडार 487.24 अरब डॉलर था. यह किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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