RBI Tokenization: क्रेडिट-डेबिट कार्ड को Token बनाना क्यों है जरूरी? क्या हैं इसके फायदे

RBI Tokenisation Rule: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते ट्रांजैक्शन में हो रहे फ्रॉड की रोकथाम के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड के टोकनाइजेशन को लेकर निर्देश दिये हैं.

RBI Tokenisation, Rules Changing From 1st October 2022: अगर आप ऑनलाइन शॉपिंग या डिजिटल पेमेंट के रूप में क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के जरिये पेमेंट करते हैं, तो इसका तरीका बदलने जा रहा है. दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल पेमेंट के बढ़ते ट्रांजैक्शन में हो रहे फ्रॉड की रोकथाम के लिए क्रेडिट और डेबिट कार्ड के टोकनाइजेशन को लेकर निर्देश दिये हैं. आगामी एक अक्टूबर से टोकनाइजेशन संबंधी नियम लागू होनेवाला है. इसके बाद, एक ओर जहां ग्राहकों को बार-बार कार्ड की डीटेल्स भरने से मुक्ति मिल जाएगी, वहीं दूसरी ओर, डेबिट-क्रेडिट कार्ड से ट्रांजैक्शन पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा. इससे डिजिटल भुगतान बढ़ने भी की उम्मीद है.

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By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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