भारत की इकलौती ट्रेन, जिसमें हर डिब्बा नोटों से भरा होता है, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

RBI Special Train: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एक डॉक्यूमेंट्री में उस विशेष ट्रेन का खुलासा हुआ है, जो नोटों से भरे बक्सों को देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाती है. इस ट्रेन की सुरक्षा अत्यंत कड़ी होती है और इसका संचालन पूरी तरह गोपनीय रखा जाता है.

RBI Special Train: क्या आपने कभी यह कल्पना की है कि एक ऐसी ट्रेन भारत में भी चलती है जिसमें हर डिब्बा नोटों से भरा होता है? यह किसी फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, बल्कि हकीकत है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा ऑपरेट एक विशेष ट्रेन देशभर में करोड़ों रुपये की नकदी को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाती है. इस ट्रेन को ‘करंसी स्पेशल’ या ‘ट्रेज़री ट्रेन’ के नाम से जाना जाता है. आइए जानते हैं इस अनोखी ट्रेन और उससे जुड़ी सुरक्षा, प्रक्रिया और एक चौंकाने वाली घटना के बारे में.

आरबीआई की डॉक्यूमेंट्री से हुआ खुलासा

भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल ही में जियो हॉटस्टार के सहयोग से एक पांच-भागों वाली डॉक्यूमेंट्री सीरीज लॉन्च की है. इसका उद्देश्य आम नागरिकों को भारतीय वित्तीय प्रणाली की गहराइयों से अवगत कराना है. इस सीरीज में बैंकिंग सिस्टम के अंदरूनी कामकाज, नोटों की छपाई से लेकर उनके वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को दिखाया गया है.

डॉक्यूमेंट्री में खासतौर पर उस ट्रेन का भी जिक्र किया गया है जो करोड़ों रुपये की नकदी लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में जाती है. इस पहल का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि जनता को बैंकिंग पारदर्शिता की समझ देना भी है.

क्या है ‘करंसी स्पेशल ट्रेन’?

‘करंसी स्पेशल ट्रेन’ एक सामान्य यात्री ट्रेन नहीं होती, बल्कि सुरक्षित रूप से डिजाइन की गई ट्रेन होती है, जिसका उपयोग भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा नकदी यानी करेंसी नोटों के एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षितले जाने के लिए किया जाता है. नोटों की छपाई के बाद, उन्हें देशभर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित आरबीआई कार्यालयों या बैंकों तक पहुंचाने का कार्य इसी ट्रेन के माध्यम से किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा जाता है और यात्रा शुरू होने से पहले कई स्तरों पर सुरक्षा जांच की जाती है, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके.

कैसा होता है सुरक्षा प्रबंधन?

करंसी स्पेशल ट्रेन की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सख्त होती है. इसमें विशेष रूप से प्रशिक्षित सुरक्षा बल तैनात रहते हैं, जिनके साथ-साथ स्थानीय पुलिस और रेलवे पुलिस बल (RPF) भी निगरानी रखते हैं. इसके अतिरिक्त, आरबीआई और संबंधित राज्य सरकारों के अधिकारी भी इस पूरी प्रक्रिया पर पैनी नजर बनाए रखते हैं. ट्रेन के प्रत्येक कोच में नोटों से भरे सीलबंद बक्से रखे जाते हैं, जिनकी स्थिति हर स्टेशन पर दर्ज की जाती है. यहां तक कि सुरक्षा कर्मी अक्सर एक अलग कोच में यात्रा करते हैं, ताकि वे बक्सों की निगरानी कर सकें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके.

2016 की चौंकाने वाली चोरी

इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद साल 2016 में इस ट्रेज़री ट्रेन में एक चौंकाने वाली चोरी की घटना हुई, जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया. यह ट्रेन उस वक्त सलेम से चेन्नई जा रही थी और इसमें लगभग 340 करोड़ रुपये की फटी और पुरानी नकदी 226 पेटियों में भरकर भेजी जा रही थी, जिसे बाद में नष्ट किया जाना था.

लेकिन इस बीच चोरों ने ट्रेन की छत काटकर चुपचाप चार पेटियों से करीब 5.78 करोड़ रुपये निकाल लिए. सबसे हैरानी की बात यह थी कि ट्रेन के बगल वाले कोच में ही नौ सदस्यीय पुलिस टीम और एक डीएसपी मौजूद थे, फिर भी उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी. यह घटना तब सामने आई जब चेन्नई पहुंचने के बाद पेटियों की गिनती और जांच की गई. इस चूक ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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