RBI MPC Meeting: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की तीन दिनों से चल रही बैठक के नतीजों का ऐलान करेंगे. इसके बाद दोपहर 12 बजे वह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित करेंगे. दुनियाभर के बाजारों में चल रही उथल-पुथल को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार भी लोन की ब्याज दरों (Repo Rate) में कोई बदलाव नहीं होने वाला है. यानी आम जनता को फिलहाल अपनी EMI में राहत मिलने की उम्मीद है.
क्या हैं इस बार रेपो रेट के अनुमान?
आर्थिक जानकारों और मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, आरबीआई इस बार ब्याज दरों को जस का तस यानी 5.25% पर बरकरार रख सकता है. पिछली अप्रैल की मीटिंग में भी इसे बिना किसी बदलाव के इसी स्तर पर रखा गया था. इसके साथ ही स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5% और मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट 5.5% पर ही बने रहने की उम्मीद है. इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) की पूर्व डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ का कहना है कि आरबीआई इस समय महंगाई और आर्थिक सुस्ती, दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है. इसलिए केंद्रीय बैंक अभी वेट एण्ड वॉच की नीति अपनाएगा.
महंगाई और ग्रोथ को लेकर क्या है चिंता?
बाजार के जानकारों का कहना है कि भले ही इस समय रिटेल महंगाई दर 3.48% के साथ काबू में दिख रही हो, लेकिन आने वाले दिनों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं. कोटक महिंद्रा एएमसी के अभिषेक बिसेन के मुताबिक, वेस्ट एशिया का संकट, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, रुपये की कमजोरी और मानसून के जोखिम ऐसे फैक्टर्स हैं जो महंगाई बढ़ा सकते हैं. इसके चलते आरबीआई आने वाले समय के लिए महंगाई के अनुमान को बढ़ा सकता है और अपनी टोन (रुख) को सख्त रख सकता है. अप्रैल की मीटिंग में आरबीआई ने FY27 के लिए रिटेल महंगाई का अनुमान 4.2% से बढ़ाकर 4.6% कर दिया था.
देश की इकोनॉमी की रफ्तार कैसी रहेगी?
ग्लोबल लेवल पर चल रहे तनाव के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है. बिज2एक्स (Biz2X) के सीईओ रोहित अरोड़ा का कहना है कि देश का बैंकिंग सेक्टर, डिजिटल फाइनेंस और घरेलू मांग (Domestic Demand) काफी शानदार है. यही वजह है कि आरबीआई एक बैलेंस्ड रास्ता चुनेगा. आरबीआई के पिछले अनुमानों पर नजर डालें, तो उसने चालू वित्त वर्ष (FY26) के लिए जीडीपी ग्रोथ 7.6% और अगले वित्त वर्ष (FY27) के लिए 6.9% रहने की बात कही थी.
बाजार की नजरें आज कहां टिकी हैं?
आज होने वाले इस बड़े ऐलान में इन्वेस्टर्स और आम जनता की नजरें इन खास बातों पर रहेंगी:
- कच्चे तेल की कीमतों पर आरबीआई का अगला कदम.
- रुपये की गिरावट को रोकने के लिए फॉरेक्स (Forex) टूल्स का इस्तेमाल.
- पश्चिम एशिया के तनाव का भारत के बिजनेस पर असर.
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