RBI की बैठक शुरू, युद्ध और $100 के पार कच्चे तेल ने बिगाड़ा खेल, क्या महंगी होगी EMI?

Repo Rate: पश्चिम एशिया में युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों के $100 प्रति बैरल पार जाने से भारत में 'आयातित महंगाई' (Imported Inflation) का खतरा बढ़ गया है. डॉलर के मुकाबले रुपया 93 के पार पहुंचने और 'सुपर अल नीनो' की आहट के बीच SBI रिसर्च का मानना है कि RBI रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रख सकता है. राहत के बजाय बैंक का पूरा ध्यान बाजार में नकदी (Liquidity) को संभालने पर रहेगा.

Repo Rate: 6 से 8 अप्रैल तक चलने वाली आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक पर पूरे देश की नजर है. पहले कयास लगाए जा रहे थे कि ब्याज दरों में कटौती हो सकती है, लेकिन पश्चिम एशिया (इजरायल-ईरान) के संकट ने रिजर्व बैंक के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. SBI रिसर्च की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल रेपो रेट में बदलाव की उम्मीद न के बराबर है.

आपकी EMI पर क्या होगा असर?

अगर आपने होम लोन या कार लोन ले रखा है, तो फिलहाल आपकी ईएमआई (EMI) घटने की उम्मीद कम है. SBI रिसर्च का कहना है कि ग्लोबल अनिश्चितता को देखते हुए RBI रेपो रेट में कोई छेड़छाड़ नहीं करेगा. यानी ब्याज दरें जहां हैं, वहीं टिकी रह सकती हैं.

रुपया कमजोर, महंगाई का डर

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 93 के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया है. जब रुपया कमजोर होता है, तो बाहर से आने वाली चीजें (जैसे तेल, मशीनरी) महंगी हो जाती हैं. इसे ‘इंपोर्टेड इन्फ्लेशन’ कहते हैं. इसके अलावा, ‘सुपर अल नीनो’ की वजह से खेती पर बुरा असर पड़ने की आशंका है, जिससे खाने-पीने की चीजें और महंगी हो सकती हैं.

तेल की आग और 1973 जैसा संकट

इजरायल-ईरान संघर्ष की वजह से ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (समुद्री रास्ता) पर खतरा मंडरा रहा है. रिपोर्ट की मानें तो यह 1973 के बाद का सबसे बड़ा तेल संकट पैदा कर सकता है. कच्चा तेल $100 के ऊपर रहने से भारत का बजट बिगड़ रहा है.

ब्याज दरें घटाने के बजाय RBI बाजार में पैसों के बहाव को कंट्रोल करने के लिए ‘ऑपरेशन ट्विस्ट’ जैसे तकनीकी कदम उठा सकता है. इसमें बैंक लंबे समय के सरकारी बॉन्ड खरीदता है और कम समय के बॉन्ड बेचता है, ताकि बाजार में संतुलन बना रहे.

2025 में 4 बार घटी रेपो रेट

महीनापहले की दरनई दर
फरवरी6.50%6.25%
अप्रैल6.25%6.00%
जून6.00%5.50%
दिसंबर5.50%5.25%

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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