मुंबई : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के लोगों को महंगाई से फिर राहत नहीं दी है. मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिवसीय बैठक के बाद बुधवार को आरबीआई ने नतीजों की घोषणा करते हुए कहा है कि नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) में कोई बदलाव नहीं किया गया है. केंद्रीय बैंक ने 9वीं बार रेपो रेट में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है. रेपो रेट 4 फीसदी पर स्थिर है.
एमपीसी की बैठक के बाद आरबीआई गवर्नर ने नतीजों की घोषणा करते हुए कहा कि मौद्रिक नीति समिति के 6 सदस्यों में से 5 से रेपो रेट को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि एमपीसी ने रेपो रेट को 4 फीसदी पर बनाए रखने के लिए सर्वसम्मति से मंजूरी दी है. हालांकि, रुख अब भी उदार बना हुआ है. उन्होंने कहा कि एमएसएफ रेट और बैंक रेट को भी 4.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा गया है. रिवर्स रेपो रेट भी 3.35 फीसदी पर स्थिर है.
हालांकि, आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर काबू पाने के लिए हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा उत्पाद शुल्क और राज्यों की ओर से वैट में की गई कटौती का समथ्रन किया है. उन्होंने कहा कि लोगों की क्रय शक्ति बढ़ाकर खपत बढ़ाने का समर्थन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अगस्त से सरकारी खपत भी बढ़ रही है, जिससे कुल मांग को समर्थन मिल रहा है.
महंगाई को लेकर गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि आरबीआई ने 2021-22 में सीपीआई मुद्रास्फीति अनुमान 5.3 फीसदी पर बरकरार रखा गया है. उन्होंने कहा कि 2021-22 में रियल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 9.5 फीसदी पर स्थिर रखा गया है. इसके अलावा, केंद्रीय बैंक वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए तरलता का प्रबंधन जारी रखेगा.
गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा है कि रेपो रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4 फीसदी रहेगा. रिवर्स रेपो रेट भी बिना किसी बदलाव के साथ 3.35 फीसदी रहेगा. उन्होंने कहा कि मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) रेट और बैंक रेट बिना किसी बदलाव के साथ 4.25 फीसदी रहेगा.
रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा कि टिकाऊ आधार पर महंगाई दर में कमी लाने के लिए पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती का फैसला किया गया. गवर्नर दास ने मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि प्राइस स्टेबिलिटी आरबीआई का प्रमुख सिद्धांत है क्योंकि यह विकास, स्थिरता को बढ़ावा देता है.
