Saving Schemes: जंग के माहौल और शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच हर निवेशक एक ‘सेफ हेवन’ (सुरक्षित ठिकाना) ढूंढ रहा है. सालों से बैंक FD लोगों की पहली पसंद रही है, लेकिन अब महंगाई के दौर में FD का रिटर्न काफी कम लगने लगा है. ऐसे में RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड्स (FRSB) स्कीम एक गेम-चेंजर बनकर उभरी है, जो सुरक्षा के साथ-साथ FD से बेहतर रिटर्न की गारंटी देती है.
क्या है RBI फ्लोटिंग रेट बॉन्ड्स?
- यह एक सरकारी बचत योजना है जिसमें ब्याज दरें पूरी अवधि के लिए फिक्स नहीं रहतीं, बल्कि समय-समय पर बदलती हैं.
- NSC से कनेक्शन: इस स्कीम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका ब्याज दर नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) से जुड़ी होती है.
- एक्स्ट्रा मुनाफा: इन बॉन्ड्स पर मिलने वाला ब्याज हमेशा NSC के रेट से 0.35% ज्यादा होता है.
क्यों है यह आपके लिए ‘गोल्डन मौका’?
- जीरो रिस्क: इसे सीधे रिजर्व बैंक (RBI) जारी करता है, इसलिए आपके पैसे की सुरक्षा की 100% सरकारी गारंटी है.
- बढ़ता मुनाफा: चूंकि ये ‘फ्लोटिंग’ रेट बॉन्ड्स हैं, अगर बाजार में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो आपका रिटर्न भी अपने आप बढ़ जाएगा.
- नियमित आय: इन बॉन्ड्स का ब्याज हर 6 महीने (1 जनवरी और 1 जुलाई) को सीधे आपके बैंक खाते में जमा किया जाता है.
- कोई अधिकतम सीमा नहीं: आप इसमें कम से कम ₹1,000 से निवेश शुरू कर सकते हैं और निवेश की कोई ऊपरी सीमा (No Upper Limit) नहीं है.
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- लॉक-इन पीरियड: इन बॉन्ड्स में 7 साल का निवेश जरूरी है. बैंक FD की तरह इन्हें बीच में कभी भी नहीं तोड़ा जा सकता (वरिष्ठ नागरिकों को कुछ शर्तों के साथ छूट मिलती है).
- टैक्स नियम: इन बॉन्ड्स से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्स योग्य (Taxable) होता है और आपकी इनकम स्लैब के अनुसार टैक्स लगता है.
- रेट रिव्यू: हर 6 महीने में ब्याज दरों की समीक्षा की जाती है.
किसे निवेश करना चाहिए?
यह स्कीम उन निवेशकों के लिए बेहतरीन है जो:
- लंबे समय के लिए पैसा सुरक्षित रखना चाहते हैं.
- बैंक FD से ज्यादा रिटर्न की तलाश में हैं.
- रिटायर हो चुके हैं और हर 6 महीने में एक सुरक्षित आय चाहते हैं.
Also Read: 60% महंगाई भत्ते के बाद अब कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी? समझें पूरा गणित
