बैंक का लाइसेंस रद्द होने पर खाताधारक को मिलते हैं 5 लाख रुपये, RBI ने महाराष्ट्र के इस बैंक पर की कार्रवाई

क्या आपको पता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश के किसी बैंक का लाइसेंस रद्द करता है, तो उसके खाताधारकों को अधिकतम 5 लाख रुपये वापस किए जाते हैं? आरबीआई ने कोल्हापुर के सुभद्रा लोकल एरिया बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. इस बैंक के संचालन में गड़बड़ियों के मद्देनजर आरबीआई ने यह कदम उठाया है. आरबीआई ने इस बैंक का लाइसेंस बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 22, 4 के तहत बैंक का लाइसेंस रद्द किया है.

नयी दिल्ली : क्या आपको पता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश के किसी बैंक का लाइसेंस रद्द करता है, तो उसके खाताधारकों को अधिकतम 5 लाख रुपये वापस किए जाते हैं? आरबीआई ने कोल्हापुर के सुभद्रा लोकल एरिया बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है. इस बैंक के संचालन में गड़बड़ियों के मद्देनजर आरबीआई ने यह कदम उठाया है. आरबीआई ने इस बैंक का लाइसेंस बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट, 1949 के सेक्शन 22, 4 के तहत बैंक का लाइसेंस रद्द किया है.

इस मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए आरबीआई ने कहा कि सुभद्रा बैंक में ऐसे कई काम हो रहे थे, जो डिपॉजिटर्स के वर्तमान और भविष्य के लिहाज से उचित नहीं थे. ऐसे में, इस बैंक को जारी रखने से आम आदमी को नुकसान पहुंच सकता है.

दिसंबर में ही कराड बैंक का भी लाइसेंस हुआ है रद्द

आरबीआई ने इसी दिसंबर महीने में महाराष्ट्र के ही संकटग्रस्त कराड बैंक का भी लाइसेंस रद्द कर दिया है. अब सुभद्रा बैंक को लेकर केंद्रीय बैंक का कहना है कि पिछले वित्त वर्ष की दो तिमाहियो में इस बैंक ने मिनिमम नेटवर्थ की शर्तों का उल्लंघन किया है. इस बैंक के पास जमाकर्ताओं को लौटाने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है. अब लाइसेंस रद्द होने के बाद यह बैंक किसी भी तरह का बैंकिंग या अन्य कारोबार नहीं कर सकता है.

बैंक के पास पैसे लौटाने लायक पर्याप्त पूंजी

आरबीआई ने कहा कि इस बैंक के प्रबंधन की कार्यप्रणाली को देखते हुए कहा जा सकता है कि जमाकर्ताओं के वर्तमान और भविष्य पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. लाइसेंस रद्द करने के बाद आरबीआई अब हाई कोर्ट में एक आवेदन भी देगा. हालांकि, आरबीआई ने यह भी कहा कि फिलहाल सुभद्रा लोकल एरिया बैंक के पास सभी जमाकर्ताओं को भुगतान करने के लिए पर्याप्त पूंजी है.

खाताधारकों को मिलेंगे 5 लाख

गौरतलब है कि किसी भी बैंक के बंद होने पर उस दौरान बैंक के सभी जमाकर्ताओं को उनकी पूंजी वापस देने का प्रावधान है. डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) यह सुनिश्चित करता है. डीआईसीजीसी के नियमों के अनुसार, यह सीमा 5 लाख रुपये तक की ही है. इसका मतलब है कि बैंक बंद होने के बाद खाताधारकों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक वापस मिल सकते हैं. आरबीआई का कहना है कि कराड बैंक के 99 फीसदी खाताधारकों को उनका पूरा पैसा वापस मिल जाएगा.

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Posted By : Vishwat Sen

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