31 दिसंबर की आधी रात से बदल सकती है सरकारी कर्मचारियों की किस्मत! टीओआर जारी

8th Pay Commission: वेतन बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर है. सरकार ने आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस यानी टीओआर जारी कर दिए हैं और 31 दिसंबर 2025 को मौजूदा आयोग का कार्यकाल खत्म होगा. फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रहने का अनुमान है, जिससे बेसिक सैलरी, डीए और एचआरए में बड़ा इजाफा हो सकता है. अगर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से नई सैलरी का लाभ मिल सकता है.

By KumarVishwat Sen | December 20, 2025 8:28 PM

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर है. 8वें वेतन आयोग ने औपचारिक रूप से अपना काम शुरू कर दिया है और सरकार ने इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस (टीओआर) भी जारी कर दिए हैं. मौजूदा 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो जाएगा. ऐसे में उम्मीद यह की जा रही है कि 31 दिसंबर 2025 की आधी रात के बाद 1 जनवरी 2026 से नई सैलरी लागू हो सकती है.

फिटमेंट फैक्टर पर टिकी सबसे बड़ी उम्मीद

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभाएगा. इसी फैक्टर के आधार पर मौजूदा बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है. अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 32,940 रुपये से 44,280 रुपये तक पहुंच सकती है.

7वें वेतन आयोग से तुलना

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जिसके चलते कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिला था. इसी आधार पर यह माना जा रहा है कि अगर 8वें वेतन आयोग में भी मजबूत फिटमेंट फैक्टर तय होता है, तो सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी तय है.

सिर्फ बेसिक नहीं, भत्तों में भी होगा इजाफा

फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि महंगाई भत्ता (डीए), हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए) और ट्रांसपोर्ट समेत दूसरे प्रकार के भत्तों में भी सीधा असर देखने को मिलेगा. इसका मतलब है कि कर्मचारियों की नेट सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है.

फिटमेंट फैक्टर कैसे तय होता है?

फिटमेंट फैक्टर किसी एक आधार पर तय नहीं किया जाता. आयोग कई आर्थिक और सामाजिक पहलुओं का अध्ययन करता है. इसमें मौजूदा महंगाई दर, जीवन यापन की लागत, परिवार की औसत जरूरतें, खाने-पीने का खर्च और शिक्षा, स्वास्थ्य समेत इंटरनेट जैसे जरूरी खर्च शामिल है. इन सभी कारकों को ध्यान में रखकर ही अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय किया जाएगा.

क्या कहती है एम्बिट कैपिटल की रिपोर्ट

फाइनेंशियल फर्म एम्बिट कैपिटल की रिपोर्ट के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.46 के बीच रह सकता है. इससे कर्मचारियों की सैलरी में 14% से 54% तक बढ़ोतरी संभव है. हालांकि, 54% की बढ़ोतरी की संभावना कम मानी जा रही है. कुछ दूसरी रिपोर्ट्स में फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.57 तक रहने का अनुमान भी लगाया गया है.

ग्रेड पे के हिसाब से अनुमानित सैलरी

फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर अलग-अलग ग्रेड पे वालों की सैलरी अलग होगी.

  • ग्रेड पे 1900 पर नेट सैलरी 65,000 रुपये से 86,000 रुपये तक
  • ग्रेड पे 4600 पर नेट सैलरी 1.31 लाख रुपये से 1.74 लाख रुपये तक
  • ग्रेड पे 7600 पर नेट सैलरी 1.82 रुपये लाख से 2.41 लाख रुपये तक
  • ग्रेड पे 8900 पर नेट सैलरी 2.17 लाख रुपये से 2.89 लाख रुपये तक

नोट: ये आंकड़े विशेषज्ञों के अनुमान पर आधारित हैं.

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कब लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?

सरकारी जानकारी के मुताबिक, वेतन आयोग 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है. हालांकि, इसे लागू करने की तारीख अभी तय नहीं हुई है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से इसका लाभ मिलने की संभावना है.

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