Defence Deal: देश की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए भारत सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में हुई एक बड़ी बैठक में 3.60 लाख करोड़ रुपये के डिफेंस डील को मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले का सबसे बड़ा मकसद दुश्मन देशों की चुनौतियों का डटकर मुकाबला करना और भारतीय सेना को दुनिया की सबसे आधुनिक सेना बनाना है.
वायुसेना को मिलेंगे नए फाइटर जेट्स
इस मेगा डील में सबसे बड़ी खबर भारतीय वायुसेना के लिए है. अब वायुसेना के बेड़े में 114 नए फाइटर जेट्स (राफेल जैसे विमान) शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है. खास बात यह है कि इनमें से ज्यादातर विमान भारत में ही बनाए जाएंगे, जिससे देश के अंदर ही रोजगार के नए मौके भी बढ़ेंगे. साथ ही, आसमान से जासूसी करने वाले नए सैटेलाइट सिस्टम को भी मंजूरी मिली है.
दुश्मन की पनडुब्बियों पर रहेगी पैनी नजर
समंदर में भारत की ताकत बढ़ाने के लिए नौसेना को P8I निगरानी विमान मिलेंगे. ये विमान पानी के नीचे छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों को आसानी से पहचान लेते हैं. इसके अलावा, युद्धपोतों के लिए बिजली बनाने वाली मशीनें (जनरेटर) भी अब भारत में ही तैयार की जाएंगी, ताकि हमें दूसरे देशों पर निर्भर न रहना पड़े.
थलसेना और टैंकों का कायाकल्प
जमीनी लड़ाई में हमारी सेना और ताकतवर हो, इसके लिए पुराने टैंकों (जैसे T-72) को नई तकनीक से अपडेट किया जाएगा. साथ ही, दुश्मन के टैंकों को उड़ाने के लिए स्वदेशी विभव माइन्स खरीदी जाएंगी. इससे बॉर्डर पर तैनात हमारे सैनिकों की सुरक्षा और बढ़ जाएगी.
कोस्ट गार्ड और स्वदेशी कंपनियों को फायदा
समुद्र तटों की रखवाली करने वाले कोस्ट गार्ड के विमानों को अब आधुनिक कैमरों और सेंसर से लैस किया जाएगा. सरकार ने सरकारी कंपनी HAL से 8 नए डोर्नियर विमान खरीदने का भी फैसला लिया है, जिसकी कुल कीमत करीब 2,312 करोड़ रुपये है.
