देश में Coronavirus से 169 की मौत के बाद रेलवे ने बचाव के लिए चलायी अनोखी मुहिम...

मध्य रेलवे ने अपने कर्मचारियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए दिशानिर्देश (प्रोटोकॉल) तैयार किया है.

नयी दिल्ली : मध्य रेलवे ने अपने कर्मचारियों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए दिशानिर्देश (प्रोटोकॉल) तैयार किया है, जिसमें सभी 13 लाख कर्मचारियों की जानकारी एकत्र कर उन सब के लिए संभावित पृथकवास सुविधाओं की पहचान करना शामिल है. ‘रेल परिवार देख रेख मुहिम’ दस्तावेज में कर्मचारियों को सुरक्षित रखने के लिए जोनल रेलवे द्वारा पालन किये जाने वाले दिशानिर्देशों की एक सूची है. अधिकारियों ने बताया कि रेलवे के सभी 17 जोन सुझाये गये उपायों को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं. रेलवे देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है. देश में इस वायरस से अब तक 5,700 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं और कम से कम 166 लोगों की मौत हो चुकी है.

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रेलवे के दस्तावेज के अनुसार, संबंधित डिवीजनों, कार्यशालाओं और मुख्यालय के सभी कर्मचारियों की जानकारी जुटानी है. इसके तहत, कर्मचारियों का नाम, वर्तमान आवासीय पता और फोन नंबर इस तरह से रखा जाना चाहिए कि उनसे कभी भी संपर्क किया जा सके. इसके अलावा, हर कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्यों के लिए संभावित क्वॉरेंटाइन सेंटर की पहचान की जानी चाहिए. सूत्रों ने कहा कि महामारी के कारण दो रेलवे कर्मचारियों की मौत के बाद कुछ जोन में यह दिशानिर्देश पहले से ही लागू है.

सूत्रों ने कहा कि सभी संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों को हर समय कर्मचारियों की पूरी जानकारी रखने की सलाह दी गयी है. इसके अलावा, उन्हें स्वस्थ कर्मचारियों और स्वयंसेवकों का एक डेटाबेस बनाने के लिए भी कहा गया है. दिशानिर्देश (प्रोटोकॉल) में कहा गया है कि ऐसे कर्मचारियों और उनके आश्रितों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, जो पहले से ही बीमार हैं.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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