PM किसान योजना का लेना है लाभ तो आज करें ये काम, वरना खाते में नहीं आएगा पैसा

PM Kisan Yojana Ekyc: पीएम किसान की 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसानों के लिए बड़ा अलर्ट है. अगर आपने समय रहते e-KYC की प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो आपके खाते में आने वाले 2000 रुपये अटक सकते हैं. अपनी किस्त सुरक्षित करने के लिए फौरन अपनाएं यह आसान तरीका.

By Anshuman Parashar | January 7, 2026 11:42 AM

PM Kisan Yojana Ekyc: भारत के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना किसी वरदान से कम नहीं है. अब तक 21 किस्तों का लाभ उठा चुके किसानों की नजरें अगली किस्त पर टिकी हैं. लेकिन, फरवरी में आने वाली संभावित राशि से पहले एक ऐसी शर्त है, जिसे नजरअंदाज करना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है.

ई-केवाईसी (e-KYC) जो नहीं करेगा, उसकी किस्त अटकेगी

सरकार ने साफ कर दिया है कि योजना में पारदर्शिता लाने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए e-KYC अनिवार्य है. अगर आपके डेटा में आधार और मोबाइल नंबर का मिलान नहीं होता है, तो 22वीं किस्त की राशि आपके खाते में क्रेडिट नहीं की जाएगी. कई किसान पिछली बार भी इसी तकनीकी चूक के कारण अपनी किस्त से हाथ धो बैठे थे.

खुद से ऐसे करे e-KYC

आपको किसी साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं है, आप अपने स्मार्टफोन से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं:

  • सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in को ओपन करें.
  • होमपेज पर दाईं ओर दिख रहे ‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाएँ.
  • यहाँ आपको ‘e-KYC’ का विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें.
  • अपना आधार नंबर दर्ज करें। इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा.
  • ओटीपी डालकर सबमिट करें. स्क्रीन पर ‘Successfully Submitted’ का मैसेज आते ही आपकी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

कब तक आएगा PM किसान की अगली किस्त का पैसा?

नियमों के मुताबिक, PM किसान योजना की राशि हर 4 महीने के अंतराल पर जारी होती है.

पीएम मोदी ने 19 नवंबर 2025 को कोयंबटूर से करीब 9 करोड़ किसानों को भेजी थी. अगली किस्त नवंबर के बाद 4 महीने का चक्र फरवरी में पूरा हो रहा है, इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि फरवरी 2026 में किसानों के खातों में 2000 रुपये की अगली सौगात आ सकती है. हालांकि, आधिकारिक तारीख की घोषणा होना अभी बाकी है.

सरकार 6000 रुपये की आर्थिक मदद क्यों देती है?

PM किसान योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को खेती की छोटी-मोटी जरूरतों (जैसे बीज, खाद) के लिए संबल देना है. सरकार साल भर में कुल 6000 रुपये की सहायता देती है, जो 2000-2000 की तीन बराबर किस्तों में सीधे ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) के जरिए बैंक खातों में पहुँचती है.

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