पीएम किसान की 23वीं किस्त जारी, खाते में नहीं आए 2000 रुपये तो तुरंत लिस्ट में चेक करें अपना नाम

PM Kisan 23rd Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के करोड़ों किसानों का इंतजार खत्म हो गया है. सरकार ने योजना की 23वीं किस्त जारी कर दी है. हालांकि, अगर आपके खाते में अभी तक 2,000 रुपये की किस्त क्रेडिट नहीं हुई है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है.

PM Kisan 23rd Installment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हुगली जिले के तारकेश्वर से ‘पीएम-किसान’ योजना की 18,880 करोड़ रुपये की 23वीं किस्त जारी की. जिससे पूरे भारत में 9.44 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हुए.

इस वजह से पीएम किसान की किस्त रुक जाती है

अक्सर e-KYC (ई-केवाईसी) न होने या बैंक खाते से आधार लिंक न होने के कारण किस्त रुक जाती है. ऐसे में आपको तुरंत लाभार्थी सूची (Beneficiary List) में अपना नाम चेक करना चाहिए. यहां हम आपको लिस्ट में नाम देखने और घर बैठे मोबाइल से e-KYC पूरी करने का सबसे आसान तरीका बता रहे हैं.

पीएम किसान योजना की लिस्ट कैसे चेक करें?

सबसे पहले पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं.
होमपेज पर नीचे की तरफ स्क्रॉल करें और Farmers Corner सेक्शन में Beneficiary List (लाभार्थी सूची) के विकल्प पर क्लिक करें.
अब आपके सामने एक नया पेज खुलेगा. यहां ड्रॉप-डाउन मेनू से अपने राज्य (State), जिला (District), उप-जिला/ब्लॉक (Sub-District), और गांव (Village) का चयन करें.
सभी विवरण सही-सही चुनने के बाद Get Report के बटन पर क्लिक करें. आपके गांव के सभी लाभार्थी किसानों की सूची स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसमें आप अपना नाम चेक कर सकते हैं.

पीएम किसान ई-केवाईसी (e-KYC) कैसे करें?

पीएम किसान की वेबसाइट (pmkisan.gov.in) पर जाएं और ‘Farmers Corner’ में सबसे ऊपर दिख रहे e-KYC के विकल्प पर क्लिक करें.

अपना 12 अंकों का आधार कार्ड नंबर दर्ज करें और Search बटन पर क्लिक करें.
आधार से लिंक अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें. आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा, उसे खाली बॉक्स में भरकर Submit करें.
इसके बाद Submit For Auth पर क्लिक करें. स्क्रीन पर eKYC is Successfully Submitted का मैसेज आ जाएगा. आपकी ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है.

CSC केंद्र जाकर बायोमेट्रिक के जरिए e-KYC करा सकते हैं. पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है

अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC Counter) या जन सेवा केंद्र पर जाएं.
वहां अपना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर दें.
संचालक आपके अंगूठे का निशान (Biometric Authentication) लेकर आपकी ई-केवाईसी प्रक्रिया को तुरंत पूरा कर देगा.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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