PM किसान योजना की 23वीं किस्त जल्द! ₹2000 पाने के लिए तुरंत पूरे करें ये 3 जरूरी काम

PM Kisan : पीएम किसान योजना की 23वीं किस्त पर बड़ा अपडेट! जानें जून-जुलाई में किस दिन आ सकते हैं ₹2000 और किन 3 गलतियों की वजह से अटक सकता है आपका पैसा.

PM Kisan : देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक संबल देने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) की अगली किस्त को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. बीते 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के गुवाहाटी से योजना की 22वीं किस्त रिमोट का बटन दबाकर जारी की थी, जिसके तहत 9.3 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे.

अब देश के करोड़ों किसानों की निगाहें 23वीं किस्त पर टिकी हैं. अगर आप भी इस किस्त का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि पैसा कब आएगा और किस लापरवाही के कारण आपकी किस्त रुक सकती है.

किस महीने खाते में क्रेडिट होगा पैसा ?

पीएम किसान योजना के तहत सरकार हर साल किसानों को ₹6,000 की आर्थिक मदद देती है, जो ₹2,000 की तीन समान किस्तों में जारी की जाती है. इसका तय शेड्यूल इस प्रकार है:

  • पहली किस्त: अप्रैल से जुलाई के बीच
  • दूसरी किस्त: अगस्त से नवंबर के बीच
  • तीसरी किस्त: दिसंबर से मार्च के बीच

चूंकि 22वीं किस्त मार्च में आ चुकी है, इसलिए अब नया साइकिल (अप्रैल-जुलाई) शुरू हो चुका है. जानकारों और मौजूदा आकलनों के मुताबिक, 23वीं किस्त का पैसा जून या जुलाई 2026 के बीच कभी भी किसानों के बैंक खातों में भेजा जा सकता है. हालांकि, कृषि मंत्रालय द्वारा अभी सटीक तारीख की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है.

इन 3 गलतियों से रुक सकता है आपका पेमेंट

कई बार ऐसा होता है कि सरकार की तरफ से पैसा जारी कर दिया जाता है, लेकिन कुछ किसानों के खातों में राशि नहीं पहुंचती. इससे बचने के लिए तुरंत ये तीन काम जांच लें:

  • e-KYC (ई-केवाईसी): अगर आपका ई-केवाईसी पूरा नहीं है, तो किस्त रोक दी जाएगी. आप घर बैठे पीएम किसान पोर्टल पर ओटीपी (OTP) के जरिए या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाकर बायोमेट्रिक से इसे पूरा कर सकते हैं.
  • आधार बैंक सीडिंग (Aadhaar Seeding): सरकार डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में पैसा भेजती है. इसलिए सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता आपके मुख्य पहचान पत्र (आधार) से लिंक और एक्टिव हो.
  • भू-सत्यापन (Land Verification): आपके नाम पर दर्ज खेती की जमीन का सरकारी दस्तावेजों में वेरिफिकेशन होना अनिवार्य है. यदि इसमें कोई गड़बड़ी पाई गई, तो नाम लिस्ट से हटा दिया जाएगा.

अपात्रों पर सरकार की सख्त नजर

योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकार ने नियमों को काफी कड़ा कर दिया है.

  • जमीन की खरीद: जिन लोगों ने 1 फरवरी 2019 के बाद कृषि भूमि खरीदी है, वे इस लाभ के दायरे से बाहर रखे गए हैं.
  • एक परिवार, एक लाभ: एक ही परिवार (राशन कार्ड) में पति और पत्नी दोनों अलग-अलग इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते. यदि जांच में ऐसा पाया गया, तो किस्त रोकने के साथ-साथ रिकवरी की कार्रवाई भी हो सकती है.

चुटकियों में ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

आपका नाम लाभार्थियों की सूची में है या नहीं, यह देखने के लिए किसी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल से नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो कर स्टेटस जान सकते हैं:

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं.
  • होमपेज पर नीचे की तरफ ‘Farmers Corner’ सेक्शन में जाएं.
  • यहां ‘Know Your Status’ वाले विकल्प पर क्लिक करें.
  • अब अपना रजिस्ट्रेशन नंबर या अपना आधार विवरण (Verification ID) दर्ज करें.
  • स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड भरें और ‘Get Data / Get Status’ पर क्लिक करें. आपकी सभी किस्तों का पूरा ब्योरा सामने आ जाएगा.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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