पीएम आवास योजना 2.0: शहरों में घर का सपना होगा पूरा, जल्द शुरू होगी योजना; जानें किसे मिलेगा फायदा

पीएम आवास योजना 2.0 के तहत शहरों में रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अच्छी खबर है. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत, पात्र परिवारों को घर बनाने, खरीदने या किराए पर लेने के लिए सरकारी मदद मिलेगी. लाखों बेघर परिवारों को इसका लाभ मिलेगा.

शहरों में रहने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है. प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. इस योजना से पात्र परिवारों को घर बनाने, खरीदने या किराये पर लेने के लिए सरकारी मदद मिलेगी. कल्पना कीजिए दिल्ली के एक छोटे से कमरे में रहने वाले रमेश की, जिसके पास खुद का पक्का घर नहीं था. PMAY-U 2.0 के तहत, उसे अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और पक्का घर बनाने में सरकारी मदद मिली. अब उसका परिवार सम्मान से रह सकता है.

एक करोड़ परिवारों को मिलेगा आवास का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत केंद्र सरकार ने बड़े स्तर पर आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है. इस योजना के लिए कुल 10 लाख करोड़ रुपये के इन्वेस्टमेंट का प्रावधान है, जबकि सरकार की ओर से 2.30 लाख करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी. योजना का मकसद शहरी इलाकों में रहने वाले पात्र परिवारों को किफायती हाउसिंग देना है.

घर निर्माण, खरीद, या किराये के लिए सरकारी सहायता

PMAY-U 2.0 को चार मेन हिस्सों में लागू किया जा रहा है. इसमें लाभार्थी के नेतृत्व में घर बनाना, पार्टनरशिप में किफायती हाउसिंग, किफायती रेंटल हाउस और इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम शामिल हैं. यानी पात्र परिवार अपनी ज़रूरत और पात्रता के हिसाब से घर बनाने, खरीदने या किराए के मकान का फायदा उठा सकेंगे.

बेघर शहरी परिवारों को मिलेगी प्राथमिकता

स्कीम का फायदा मेनली उन शहरी परिवारों को मिलेगा, जिनके पास देश में कहीं भी अपना पक्का मकान नहीं है. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के पात्र परिवार स्कीम के दायरे में आते हैं. किसे और कितनी मदद मिलेगी, यह स्कीम के तय नियमों के हिसाब से तय होगा.

महिलाओं के नाम पर मकान को भी बढ़ावा

PMAY-U 2.0 में महिलाओं के हाउसिंग राइट्स को भी प्राथमिकता दी जा रही है. सरकार के मुताबिक स्कीम के तहत बड़ी संख्या में हाउसिंग महिलाओं के नाम अलॉट किए जा रहे हैं. इससे परिवारों को पक्का घर मिलने के साथ महिलाओं की प्रॉपर्टी में हिस्सेदारी भी मजबूत होगी.

स्कीम के तहत अब तक लाखों घर स्वीकृत

यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब तक लाखों शहरी परिवारों के सिर पर पक्का छत आ चुकी है. सिर्फ फरवरी 2026 तक ही, 13.61 लाख से ज्यादा घरों को मंजूरी मिल चुकी थी, जो इस योजना की सफलता को दर्शाता है. इसके बाद जून 2026 में 2.13 लाख से ज्यादा एक्स्ट्रा घरों को अप्रूव किया गया. अगस्त 2026 तक PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत कुल अप्रूव्ड मकानों की संख्या 1.25 करोड़ से ज्यादा पहुंच गई थी.

स्कीम का राष्ट्रव्यापी विस्तार

राजस्थान में भी लागू हो रही स्कीम राजस्थान में PMAY-U 2.0 के इंप्लीमेंटेशन को लेकर टेक्निकल अरेंजमेंट और सिटी लेवल पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है. स्टेट में स्कीम के लिए राज्य और शहर स्तर पर तकनीकी टीम बनाई जा रही है, जो योजना के अमल में मदद करेगी. इससे पात्र लाभार्थियों तक स्कीम का फायदा पहुंचाने और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की निगरानी में मदद मिलेगी.

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लाभार्थियों के लिए जरूरी है पात्रता की जांच

स्कीम का फायदा लेने से पहले एप्लीकेंट्स को अपनी एलिजिबिलिटी और ज़रूरी डाक्यूमेंट्स की जानकारी जुटा लेनी चाहिए. खासकर फैमिली के पास पहले से पक्का मकान है या नहीं, इनकम ग्रुप और रिलेटेड अर्बन लोकल बॉडी के रूल्स के हिसाब से एलिजिबिलिटी की जांच की जाएगी. एप्लीकेशन और सर्वे की प्रोसेस लोकल बॉडी और स्कीम के ऑफिशियल पोर्टल केजरिए आगे बढ़ाई जा सकती है.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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