IPO: फोन-पे का आईपीओ भारत में पेश होने के लिए तैयार, चेक करें पूरी डिटेल

PhonePe IPO: फोन-पे इस साल अपनी 10वीं वर्षगांठ मना रही है. अपने इस वर्षगांठ के साल में फोन पे की कंपनी वालमार्ट भारतीय शेयर बाजार में आईपीओ पेश करने की तैयारी में जुटी है. फोन-पे ने दिसंबर 2022 में सिंगापुर से भारत स्थानांतरित किया था, जिसके लिए उसने 8,000 करोड़ रुपये का टैक्स भी चुकाया था.

PhonePe IPO: भारत की सबसे बड़ी फिनटेक कंपनी फोन-पे (PhonePe) ने भारतीय शेयर बाजारों में आईपीओ (IPO) लाने की तैयारी शुरू कर दी है. वॉलमार्ट (Walmart) के स्वामित्व वाली इस डिजिटल भुगतान कंपनी का लक्ष्य घरेलू बाजार में सूचीबद्ध होकर पूंजी जुटाना है. फोन-पे का यह आईपीओ भारतीय फिनटेक इंडस्ट्री के लिए एक नया अध्याय खोल सकती है और निवेशकों के लिए एक शानदार अवसर साबित हो सकती है. आइए, इसके बारे में पूरी डिटेल जानते हैं.

सबसे बड़ा यूपीआई पेंमेंट एप फोन-पे

फोन-पे ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि कंपनी अपने संभावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए प्रारंभिक कदम उठा रही है. यह लिस्टिंग कंपनी के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगी. फोन-पे इस साल अपनी 10वीं वर्षगांठ मना रही है और यह भारत की सबसे बड़ी UPI पेमेंट एप्लिकेशन में से एक बन चुकी है.

फोन-पे का वैल्यूएशन और विस्तार

  • कंपनी का वैल्यूएशन 2023 में हुए अंतिम फंडिंग राउंड के दौरान 12 अरब डॉलर आंका गया था.
  • फोन-पे ने दिसंबर 2022 में सिंगापुर से भारत स्थानांतरित किया था, जिसके लिए उसने 8,000 करोड़ रुपये का टैक्स भी चुकाया था.
  • यह कंपनी भारतीय डिजिटल पेमेंट, बीमा, म्यूचुअल फंड और कई अन्य फाइनेंशियल सर्विसेज में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है.

IPO से निवेशकों को क्या मिलेगा?

  • फोन-पे का IPO आने से खुदरा निवेशकों और संस्थागत निवेशकों को कंपनी में निवेश करने का मौका मिलेगा.
  • इस IPO से कंपनी को अपनी सेवाओं का विस्तार करने और भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करने में मदद मिलेगी.
  • वित्तीय सेवाओं और तकनीकी नवाचार के जरिए फोन-पे भारतीय बाजार में और अधिक ग्राहकों तक पहुंच बनाएगी.

इसे भी पढ़ें: पिता के निवेश पर नजर नहीं रख पाए सपूत, अब शेयर खोजने के लिए कर रहे संघर्ष

इसे भी पढ़ें: एंटी-एजिंग दवा के लिए फार्मा सलाहकार ने मांगा पेटेंट, बढ़ती उम्र का असर करेगा कम

फोन-पे के आईपीओ पर क्यों रहे नजर?

  • भारत के डिजिटल भुगतान बाजार में फोन-पे की मजबूत पकड़ है.
  • इस लिस्टिंग से Paytm और अन्य फिनटेक कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलेगी.
  • फोन-पे के मजबूत यूजर बेस और इनोवेटिव बिजनेस मॉडल इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बना सकते हैं.

इसे भी पढ़ें: Rekha Gupta Investment: किन शेयरों में है दिल्ली की नई CM रेखा गुप्ता का पैसा? पति ने भी लगाया बड़ा दांव!

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >