Petrol-Diesel Price Cut : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी Crude Oil की कीमतें फिर से 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई हैं. इसके बावजूद भारत में Petrol और Diesel की कीमतों में कोई कटौती नहीं हुई है. ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल है कि जब Crude Oil सस्ता हो गया तो Fuel Prices क्यों नहीं घट रहीं.
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने इस पर स्थिति साफ करते हुए कहा कि अभी कीमतें घटाने पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी. अगर अगले 2-3 महीने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil की कीमतें कम बनी रहती हैं, तभी Petrol-Diesel सस्ता करने पर विचार किया जाएगा.
अभी Petrol-Diesel सस्ता क्यों नहीं हो रहा?
पेट्रोलियम मंत्री के मुताबिक, भारत की सरकारी Oil Marketing Companies ने अप्रैल और मई के दौरान उस समय Crude Oil खरीदा था, जब पश्चिम एशिया में तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रम के कारण अंतरराष्ट्रीय कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं.
रिफाइनरियां फिलहाल उसी महंगे Crude Oil को प्रोसेस कर रही हैं. इसलिए मौजूदा सस्ती कीमतों का असर अभी Retail Fuel Prices पर दिखाई नहीं दे रहा. सरल शब्दों में कहें तो आज जो पेट्रोल और डीजल बिक रहा है, वह पिछले कुछ सप्ताह पहले खरीदे गए महंगे कच्चे तेल से तैयार हुआ है.
कब घट सकते हैं Petrol-Diesel के दाम?
सरकार के अनुसार, यदि Crude Oil की कीमतें अगले 2-3 महीने तक कम बनी रहती हैं.
ग्लोबल मार्केट में कोई नया संकट नहीं आता और सप्लाई सामान्य रहती है.
तो Oil Marketing Companies कीमतों की समीक्षा कर सकती हैं. इसके बाद आम लोगों को Fuel Prices में राहत मिलने की संभावना बन सकती है. फिलहाल सरकार ने किसी निश्चित तारीख का ऐलान नहीं किया है.
तेल कंपनियों को कितना नुकसान हुआ?
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को 30 जून तक Petrol, Diesel और LPG को लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण कुल 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
| ईंधन | अनुमानित अंडर-रिकवरी |
|---|---|
| Petrol | ₹19,905 करोड़ |
| Diesel | ₹1.44 लाख करोड़ |
| LPG | ₹24,148 करोड़ |
मंत्री ने बताया कि पिछली तिमाहियों के LPG नुकसान को जोड़ने के बाद कुल अंडर-रिकवरी लगभग 2.1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचती है. अलग-अलग एडजस्टमेंट के बाद कुल नुकसान 74,781 करोड़ रुपये बताया गया.
अंडर-रिकवरी क्या होती है?
अंडर-रिकवरी का मतलब है. जब किसी तेल कंपनी को Petrol, Diesel या LPG बेचने में जितनी लागत आती है, उससे कम कीमत पर उसे बेचना पड़ता है, तब दोनों के बीच का अंतर अंडर-रिकवरी कहलाता है. उदाहरण के लिए. अगर किसी लीटर Fuel की वास्तविक लागत 100 रुपये है लेकिन कंपनी उसे 95 रुपये में बेच रही है, तो 5 रुपये की अंडर-रिकवरी होगी.
मई में कितने बढ़े थे Petrol-Diesel के दाम?
मई के दौरान IOC, BPCL और HPCL ने कई स्टेप्स में Fuel Prices बढ़ाए.
| तारीख | Petrol | Diesel |
|---|---|---|
| 15 मई | ₹3.00 | ₹3.00 |
| 19 मई | 90 पैसे | 90 पैसे |
| 23 मई | 87 पैसे | 91 पैसे |
| 25 मई | ₹2.61 | ₹2.71 |
कुल बढ़ोतरी
Petrol लगभग ₹7.40 प्रति लीटर.
Diesel लगभग ₹7.52 प्रति लीटर.
इन बढ़ोतरी के पीछे महंगे अंतरराष्ट्रीय Crude Oil को मुख्य वजह बताया गया था.
आज Petrol के दाम
| शहर | 3 जुलाई (₹/लीटर) | 2 जुलाई (₹/लीटर) | बदलाव |
| रांची | 106.59 | 106.19 | +0.40 |
| देवघर | 104.99 | 104.99 | कोई बदलाव नहीं |
| धनबाद | 105.35 | 105.36 | -0.01 |
| जमशेदपुर | 105.45 | 105.75 | -0.30 |
| लखनऊ | 101.86 | 101.86 | कोई बदलाव नहीं |
| नोएडा | 101.96 | 101.96 | कोई बदलाव नहीं |
| भागलपुर | 114.37 | 114.37 | कोई बदलाव नहीं |
| दरभंगा | 114.16 | 114.16 | कोई बदलाव नहीं |
| गया | 114.31 | 114.27 | +0.04 |
| मुजफ्फरपुर | 114.10 | 114.10 | कोई बदलाव नहीं |
| नई दिल्ली | 102.12 | 102.12 | कोई बदलाव नहीं |
| गुरुग्राम | 102.97 | 102.97 | कोई बदलाव नहीं |
| मुंबई | 111.21 | 111.21 | कोई बदलाव नहीं |
| कोलकाता | 113.51 | 113.51 | कोई बदलाव नहीं |
| चेन्नई | 107.76 | 107.77 | -0.01 |
| बेंगलुरु | 110.93 | 111.68 | -0.75 |
| भोपाल | 114.54 | 114.54 | कोई बदलाव नहीं |
| हैदराबाद | 115.73 | 115.73 | कोई बदलाव नहीं |
आज Diesel के दाम
| शहर | 3 जुलाई (₹/लीटर) | 2 जुलाई (₹/लीटर) | बदलाव |
| रांची | 101.71 | 101.31 | +0.40 |
| देवघर | 100.21 | 100.21 | कोई बदलाव नहीं |
| धनबाद | 100.55 | 100.56 | -0.01 |
| जमशेदपुर | 100.62 | 100.88 | -0.26 |
| लखनऊ | 95.36 | 95.36 | कोई बदलाव नहीं |
| नोएडा | 95.44 | 95.44 | कोई बदलाव नहीं |
| भागलपुर | 100.30 | 100.30 | कोई बदलाव नहीं |
| दरभंगा | 100.10 | 100.10 | कोई बदलाव नहीं |
| गया | 100.26 | 100.23 | +0.03 |
| मुजफ्फरपुर | 100.05 | 100.05 | कोई बदलाव नहीं |
| नई दिल्ली | 95.20 | 95.20 | कोई बदलाव नहीं |
| गुरुग्राम | 95.64 | 95.64 | कोई बदलाव नहीं |
| मुंबई | 97.83 | 97.83 | कोई बदलाव नहीं |
| कोलकाता | 99.82 | 99.82 | कोई बदलाव नहीं |
| चेन्नई | 99.55 | 99.55 | कोई बदलाव नहीं |
| बेंगलुरु | 98.80 | 99.56 | -0.76 |
| भोपाल | 99.64 | 99.64 | कोई बदलाव नहीं |
| हैदराबाद | 103.82 | 103.82 | कोई बदलाव नहीं |
Crude Oil की कीमतों में क्या बदलाव आया?
- फरवरी के अंत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में Crude Oil लगभग 72 डॉलर प्रति बैरल था.
- पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने के दौरान इसकी कीमत करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई.
- बाद में हालात सामान्य होने और वैश्विक बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता कम होने के बाद Crude Oil फिर लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल पर लौट आया.
- यही वजह है कि अब लोग Petrol-Diesel की कीमतों में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं.
आम लोगों पर इसका क्या असर होगा?
अगर अगले कुछ महीनों तक Crude Oil की कीमतें कम बनी रहती हैं तो.
- Petrol-Diesel सस्ता हो सकता है.
- Transport Cost घट सकती है.
- महंगाई पर कुछ राहत मिल सकती है.
- ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की लागत कम हो सकती है.
- आम परिवारों का मासिक Fuel Budget घट सकता है.
लेकिन यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में फिर से तनाव बढ़ा या Crude Oil महंगा हुआ, तो कीमतों में राहत टल भी सकती है.
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