Razorpay IPO: डिजिटल पेमेंट्स की दुनिया का बड़ा नाम, रेजरपे (Razorpay), अब अपनी पब्लिक लिस्टिंग (IPO) की तैयारी में जुट गया है. कंपनी ने भारतीय बाजार नियामक ‘सेबी’ (SEBI) के पास अपना ‘कॉन्फिडेंशियल’ ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर दिया है. यह कदम कंपनी के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है. इस IPO के जरिए Razorpay करीब 600 मिलियन डॉलर (लगभग 5,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रहा है.
कंपनी इस IPO के जरिए क्या करने वाली है?
इस पूरी प्रक्रिया में दो मुख्य हिस्से हैं:
- फ्रेश इश्यू: इसमें 300 मिलियन डॉलर के नए शेयर जारी किए जाएंगे, जिससे मिलने वाली रकम कंपनी के विकास में लगाई जाएगी.
- ऑफर फॉर सेल (OFS): बाकी के 300 मिलियन डॉलर के शेयर पुराने इन्वेस्टर्स बेचेंगे, जिससे उन्हें अपनी हिस्सेदारी कम करने का मौका मिलेगा.
कंपनी ने ‘कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग’ का रास्ता चुना है. इसका फायदा यह है कि कंपनी अपनी संवेदनशील बिजनेस जानकारी को अभी सीधे तौर पर सार्वजनिक नहीं करेगी और SEBI से चुपचाप तरीके से रिव्यू करवा सकेगी.
क्या है रेजरपे की बड़ी तैयारी?
बेंगलुरु स्थित यह फिनटेक कंपनी अपने इस IPO के जरिए 5 डॉलर से 6 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन का लक्ष्य लेकर चल रही है. कंपनी की कोशिश है कि वह इस साल के अंत तक शेयर बाजार में लिस्ट हो जाए. इस लिस्टिंग को मैनेज करने के लिए एक्सिस कैपिटल, सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, जेपी मॉर्गन और महिंद्रा कैपिटल जैसे दिग्गज बैंकों को चुना गया है. दिलचस्प बात यह है कि मई 2025 में रेजरपे ने अपना मुख्यालय अमेरिका से वापस भारत शिफ्ट किया था, ताकि वे बिना किसी बाधा के भारत में लिस्ट हो सकें. अप्रैल 2026 में शेयरहोल्डर्स ने भी इस IPO के लिए अपनी मंजूरी दे दी थी.
आखिर क्या काम करती है ये कंपनी?
साल 2014 में हर्षिल माथुर और शशांक कुमार द्वारा शुरू की गई यह कंपनी आज करोड़ों व्यापारियों की मदद कर रही है. सिर्फ पेमेंट ही नहीं, बल्कि यह बिजनेस के लिए बैंकिंग, पेआउट्स, पेरोल, कैश फ्लो मैनेजमेंट और लोन जैसी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफार्म पर देती है. रेजरपे को पीक XV, GIC, टाइगर ग्लोबल और Y कॉम्बिनेटर जैसे बड़े इन्वेस्टर्स का समर्थन हासिल है. अब देखना यह होगा कि जब यह कंपनी शेयर बाजार में उतरेगी, तो इन्वेस्टर्स का क्या रिएक्शन रहता है.
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