Patanjali Russia Entry: योग गुरु बाबा रामदेव के नेतृत्व वाले पतंजलि समूह ने रूस सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके माध्यम से कंपनी को रूस के स्वास्थ्य और वेलनेस सेक्टर में प्रवेश का बड़ा अवसर मिला है. यह समझौता दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य, संस्कृति और व्यापारिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
रूस में वेलनेस सेवाओं के विस्तार का रास्ता खुला
पतंजलि समूह की ओर से यह समझौता खुद बाबा रामदेव ने किया, जबकि रूस की तरफ से हस्ताक्षर सर्गेई चेरमिन, इंडो-रशिया बिजनेस काउंसिल के चेयरमैन और रूस के वाणिज्य मंत्री ने किए.
जारी बयान के अनुसार, यह MoU कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करेगा. जिनमें स्वास्थ्य और वेलनेस सेवाओं का विस्तार, मेडिकल और हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा, स्किल्ड प्रोफेशनल्स का प्रशिक्षण एवं आदान-प्रदान तथा अनुसंधान-आधारित परियोजनाओं का विकास शामिल है.
रामदेव ने कहा कि रूस में योग, आयुर्वेद और नेचुरोपैथी के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है. उनका कहना है कि यह समझौता भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को नई वैश्विक पहचान देगा और रूस इसके लिए “पहला बड़ा प्रवेश द्वार” साबित होगा.
भारत और रूस के ब्रांडों को मिलेगा नया प्लेटफ़ॉर्म
इस MoU के तहत पतंजलि न सिर्फ अपनी वेलनेस सेवाओं, योग शिविरों, आयुर्वेदिक उपचारों और नैचुरोपैथी केंद्रों का विस्तार करेगा, बल्कि भारत के अन्य प्रमुख ब्रांडों को भी रूस में पहचान दिलाने का प्रयास करेगा. इसके साथ ही, रूस के घरेलू ब्रांडों को भी भारतीय बाज़ार में बढ़ावा देने पर दोनों पक्षों ने सहमति जताई है. रूस के मंत्री सर्गेई चेरमिन ने कहा कि पतंजलि का मॉडल रूस में लोगों की जीवनशैली में बड़ा परिवर्तन ला सकता है. योग, आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा को अपनाकर समाज को अधिक स्वस्थ और रोग-मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
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