Oracle Lays Off 6 AM Email: मंगलवार, 31 मार्च 2026 की सुबह ओरेकल (Oracle) के हजारों कर्मचारियों के लिए किसी बुरे सपने की तरह रही. दुनिया की दिग्गज अमेरिकी टेक कंपनी ने एक झटके में 20 से 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है, जिसमें भारत के 12,000 सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स भी शामिल हैं. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतनी बड़ी छंटनी के लिए कंपनी ने कोई नोटिस या चर्चा नहीं की, बल्कि सुबह 6 बजे एक ईमेल भेजकर तत्काल प्रभाव से सेवाएं समाप्त कर दीं.
सुबह 6 बजे का ईमेल और तत्काल छंटनी
ओरेकल के कर्मचारियों को “Oracle Leadership” की ओर से मिले एक संक्षिप्त ईमेल में बताया गया कि उनकी पोजीशन खत्म कर दी गई है. इस डिजिटल युग की छंटनी इतनी क्रूर थी कि मेल मिलने के कुछ ही मिनटों के भीतर कर्मचारियों के लैपटॉप और सिस्टम एक्सेस ब्लॉक कर दिए गए. न कोई एचआर राउंड हुआ, न ही मैनेजरों को पहले से इसकी जानकारी थी. सोशल मीडिया पर प्रभावित कर्मचारियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उन्हें अपनी बात रखने या सहकर्मियों को विदाई देने तक का मौका नहीं मिला.
IndiaNewGen नाम के यूजर ने एक्स पर लिखा
20 में से 6 सदस्यों को नौकरी छोड़ने के लिए कहा गया है. कई टीमों में, लगभग 50% सदस्य जा चुके हैं. कुल छंटनी लगभग 20% है. अभी-अभी एक दोस्त का फोन आया, जो एक सीनियर मैनेजर है.
रिकॉर्ड मुनाफे के बावजूद ‘पिंक स्लिप’
ओरेकल का यह फैसला इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि कंपनी ने पिछली तिमाही में 17.2 बिलियन डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले 15 वर्षों में उसका सबसे शानदार प्रदर्शन है. इसके बावजूद कंपनी ने अपने वर्कफोर्स के हर 5 में से 1 व्यक्ति को बाहर का रास्ता दिखा दिया. विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्तर की छंटनी के माध्यम से ओरेकल लगभग 8 से 10 बिलियन डॉलर (करीब 90 हजार करोड़ रुपये) का कैश फ्लो बचाना चाहती है, ताकि अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत कर सके.
भारत पर सबसे बड़ी मार
इस ग्लोबल छंटनी का सबसे बड़ा केंद्र भारत बना है. एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत से 12,000 लोग अपनी नौकरी गवां चुके हैं. प्रभावित होने वाले अधिकांश लोग कंपनी के ‘क्लाउड सिस्टम’ विभाग से जुड़े थे. भारत ओरेकल के लिए एक प्रमुख टैलेंट हब रहा है, लेकिन क्लाउड और एआई की ओर बढ़ते बदलाव के बीच कंपनी ने अपने पुराने इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मैनपावर को कम करने का फैसला किया है. अमेरिका सहित कई अन्य देशों के सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स भी इस कटौती की चपेट में आए हैं.
एआई निवेश और लैरी एलिसन की संपत्ति
यह छंटनी ऐसे समय में हुई है जब ओरेकल एआई (AI) और डेटा सेंटरों में भारी निवेश कर रहा है. कंपनी ने OpenAI के साथ 156 बिलियन डॉलर की एक विशाल डील की है. इसी निवेश के दम पर ओरेकल के फाउंडर लैरी एलिसन सितंबर 2025 में दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे और कंपनी का स्टॉक 346 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गया था. हालांकि, वर्तमान में स्टॉक गिरकर 146 डॉलर पर है और लैरी की संपत्ति भी 393 बिलियन डॉलर से घटकर 192 बिलियन डॉलर रह गई है. यह विडंबना ही है कि एआई तकनीक बनाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर ही आज उसी तकनीक की वेदी पर चढ़ाए जा रहे हैं.
