NPS Withdrawal: एनपीएस खाते से पैसा निकालने के नियम में हुआ बड़ा बदलाव, अभी जान लें नहीं तो परेशान होंगे आप

NPS Withdrawal: एक फरवरी से लागू होने वाले अधिसूचना के मुताबिक अब कोई भी एनपीएस खाताधारक अपने खाते में जमा राशि का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही निकाल पाएगा. साथ ही, खाते से अधिकतम तीन बार ही पैसा निकालना संभव होगा.

NPS Withdrawal: अगर आप भी नेशनल पेंशन स्कीम में निवेश करते हैं तो आपके लिए ये बेहद काम की खबर है. पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने खाते से पैसे निकासी की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. प्राधिकरण ने इसके लिए एक अधिसूचना जारी है. एक फरवरी से लागू होने वाले अधिसूचना के मुताबिक अब कोई भी एनपीएस खाताधारक अपने खाते में जमा राशि का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही निकाल पाएगा. साथ ही, खाते से अधिकतम तीन बार ही पैसा निकालना संभव है. साथ ही, पैसा निकासी के समय ग्राहकों के बैंक खाते में एनपीएस फंड्स को क्रेडिट करने के लिए इंस्टेंट बैंक अकाउंट वेरिफिकेशन को अनिवार्य बना दिया गया है. साथ ही, अब बैंक अकाउंट का वेरिफिकेशन पेनी ड्रॉप पद्धति से किया जाएगा.

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पेनी ड्रॉप ‍वेरिफिकेशन होगा जरूरी

PFRDA के नोटिफिकेशन के मुताबिक, योजना से बाहर निकलने या निकासी से अनुरोधों का प्रोसेस करने और सब्सक्राइबर्स की बैंक अकाउंट डिटेल में संशोधन करने के लिए पेनी-ड्रॉप पद्धति के अनुसार वेरिफिकेशन जरूरी होगा. बिना वेरिफिकेशन के अब किसी तरह का बदलाव भी संभव नहीं होगा. एनपीएस धारी का अगर पेनी-ड्रॉप वेरिफिकेशन फेल होता है कि सीआरए को इसकी जानकारी खाता धारक के मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर भेजनी होगी. इसके उन्हें बताना होगा कि वो अपने नोडल ऑफिसर और POP से मिले. इसके साथ ही, सीआरए को उसके नोडल अधिकारी और POP को भी इसकी जानकारी देनी होगी.

कब कर सकते हैं NPS से निकासी

एनपीएस से पैसा निकालने के लिए कुछ मानक तय किये गए हैं. केवल उनके लिए ही, आपको अपने पेशन खाते से पैसा निकालने की अनुमति दी जाती है.

1. बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए.

2. घर खरीदने के लिए.

3. मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में.

4. दुर्घटना की स्थिति में विकलांगता या अक्षमता की स्थिति में

5. कौशल विकास के लिए खर्च होने वाले रुपये के लिए.

6. स्टार्टअप या बिजनेस शुरू करने के लिए.

नेशनल पेंशन स्कीम क्या है

नेशनल पेंशन स्कीम, एक व्यक्तिगत पेंशन योजना है जो भारत सरकार द्वारा प्रबंधित की जाती है. इस पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत निवेश करने और अवस्थित पूंजी को द्वारा लाभान्वित करने का अवसर प्रदान करना है, ताकि उन्हें अच्छी जीवनशैली के लिए आत्म-निर्भर बनाया जा सके. यह योजना स्वतंत्र और साकारात्मक निवेश का प्रोत्साहन करने के लिए एक व्यापक विकल्प प्रदान करती है, और व्यक्तियों को निवेश के रूप में विभिन्न वित्तीय समृद्धि योजनाओं के तहत धन जमा करने का सुझाव देती है. NPS का मुख्य उद्देश्य व्यक्तियों को एक सुरक्षित और समृद्धि योजना के रूप में निवेश करने का अवसर प्रदान करना है ताकि वे अपने बुढ़ेपे के दौरान आत्म-निर्भर रह सकें.

नेशनल पेंशन सिस्टम की मुख्य विशेषताएं

  • नियमित और गैर-नियमित योजनाएं: NPS में नियमित योजनाएं और गैर-नियमित योजनाएं होती हैं, जो व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं के अनुसार निवेश करने का विकल्प देती हैं.

  • बहुतांत्रिक व्यापकता: NPS में व्यक्तियों को विभिन्न निवेश विकल्प जैसे कि आकर्षक पेंशन फंड (APF), एक्यूटी शेयर्स, और गवर्नमेंट सेक्टर के स्कीम्स में निवेश करने का अवसर होता है.

  • व्यक्तिगत और कंपनी का योगदान: NPS में व्यक्तिगत और कंपनी का योगदान के रूप में निवेश करने का विकल्प होता है.

  • सुरक्षित और निगमित: NPS एक सुरक्षित और निगमित पेंशन योजना है जिसमें निर्धारित योजनाओं के अनुसार निवेश किया जाता है.

  • पोर्टफोलियो प्रबंधन की स्वतंत्रता: NPS में व्यक्तियों को अपने पोर्टफोलियो को स्वयं प्रबंधित करने का विकल्प भी होता है.

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