NPS vs NPS Sanchay: टैक्स भी बचेगा और पेंशन भी मिलेगी, जानिए क्या है नया खेल!

NPS vs NPS Sanchay: NPS और NPS Sanchay में क्या अंतर है? जानिए गिग वर्कर्स और छोटे व्यापारियों के लिए PFRDA की इस नई और आसान पेंशन स्कीम के फायदे और टैक्स छूट की पूरी डिटेल.

NPS vs NPS Sanchay: आजकल हर कोई अपने रिटायरमेंट को सुरक्षित करने की सोच रहा है. नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को तो आप जानते ही होंगे, लेकिन इन दिनों NPS Sanchay की खूब चर्चा हो रही है. लोग समझ नहीं पा रहे हैं कि यह कोई नई स्कीम है या पुराने NPS का ही नया रूप. सीधे शब्दों में कहें तो पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने उन लोगों के लिए इसे बेहद आसान बनाकर पेश किया है जो ज्यादा तामझाम नहीं चाहते. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह क्या है और आपके लिए कितना फायदेमंद है.

NPS Sanchay आखिर क्या है?

यह ऑल सिटीजन मॉडल के तहत शुरू की गई एक आसान पेंशन पहल है. इसका मुख्य मकसद उन लोगों तक पेंशन पहुंचाना है जो किसी बड़ी कंपनी में नौकरी नहीं करते. 18 से 85 वर्ष का कोई भी भारतीय नागरिक, जिसके पास सही KYC डॉक्यूमेंट्स हैं, वह ऑनलाइन या बैंक (PoP) के जरिए यह अकाउंट खुलवा सकता है. यह खासतौर पर उनके लिए है जो खुद का काम करते हैं.

यह रेगुलर NPS से कैसे अलग है?

नॉर्मल NPS में आपको खुद चुनना पड़ता है कि आपका पैसा कहां और कितना इन्वेस्ट होगा (जैसे इक्विटी या सरकारी बॉन्ड). लेकिन NPS Sanchay में यह सिरदर्द खत्म कर दिया गया है. 

  • आसान इन्वेस्टमेंट: इसमें सरकारी कर्मचारियों वाले सुरक्षित पैटर्न (जैसे UPS, APY और सेंट्रल/स्टेट गवर्नमेंट स्कीम) के हिसाब से अपने आप पैसा इन्वेस्ट होता है. 
  • कम उलझन: आपको निवेश के लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे लास्ट-माइल (ग्रामीण या दूर-दराज) के लोगों के लिए इसे समझना आसान हो जाता है. 
  • समान नियम: टैक्स छूट, पैसा निकालने के नियम, अकाउंट चार्ज और पेंशन फंड की सुविधा इसमें बिल्कुल रेगुलर NPS जैसी ही है. 

यह स्कीम किसके लिए सबसे बेस्ट है?

अगर आप शेयर बाजार और एसेट एलोकेशन के नियमों को समझने में परेशान होते हैं, तो यह आपके लिए है.  मुख्य रूप से यह इन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है:

  • गिग वर्कर्स (जैसे जोमैटो-स्वीगी के डिलीवरी पार्टनर्स या फ्रीलांसर)
  • छोटे कारोबारी और दुकानदार
  • दिहाड़ी मजदूर और रेहड़ी-पटरी वाले
  • खुद का काम करने वाले (Self-employed) लोग

टैक्स में कितनी छूट मिलेगी?

अगर टैक्स बेनिफिट्स की बात करें, तो इसमें कोई बदलाव नहीं है. रेगुलर NPS में इनकम टैक्स एक्ट के तहत जो भी छूट मिलती है, वो सभी फायदे आपको NPS Sanchay में भी मिलेंगे. यानी बचत के साथ-साथ आप टैक्स भी बचा पाएंगे. 

भारत में जिस तरह से फ्रीलांस और असंगठित क्षेत्र (Informal Sector) में काम करने वालों की संख्या बढ़ रही है, उसे देखते हुए यह एक बेहतरीन कदम है. बिना किसी उलझन के सीधे और सुरक्षित तरीके से रिटायरमेंट फंड बनाने का यह एक सटीक जरिया है. 

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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