NPS का अटका पैसा अब आएगा वापस: क्या है SPCPA खाता और कैसे मिलेगा आपका रिफंड?

NPS Unclaimed : एनपीएस का पैसा अटक गया है? पीएफआरडीए के SPCPA खाते में जमा हो सकता है आपका अनक्लेम्ड कंट्रीब्यूशन. जानिए कैसे 25 साल के भीतर कर सकते हैं रिफंड के लिए अप्लाई.

NPS Unclaimed : पेंशन फंड नियामक PFRDA ने उन सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत दी है जिनका पैसा जमा तो हुआ, लेकिन उनके ‘परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर’ (PRAN) तक नहीं पहुंचा. ऐसे अनक्लेम्ड पैसों को सुरक्षित रखने और वापस करने के लिए एक सिस्टम तैयार किया गया है.

क्या है SPCPA?

इसका पूरा नाम Subscribers’ Pension Contribution Protection Account है.

  • यह पीएफआरडीए द्वारा मेंटेन किया जाने वाला एक सुरक्षा खाता है.
  • इसमें वह पैसा रखा जाता है जो सब्सक्राइबर्स ने बैंक या पीओपी (PoP) के पास जमा किया था, लेकिन तकनीकी कारणों या प्रान (PRAN) जनरेट न होने की वजह से उनके खाते में नहीं जुड़ सका.

पैसा कब और क्यों इस खाते में जाता है?

  • अगर कोई योगदान 7 साल से ज्यादा समय तक अनक्लेम्ड रहता है, तो उसे SPCPA में ट्रांसफर कर दिया जाता है.
  • इसके अलावा, अगर उस मध्यस्थ (Intermediary) का रजिस्ट्रेशन रद्द हो जाता है जिसके जरिए पैसा जमा किया गया था, तो भी रकम यहाँ भेज दी जाती है.

रिफंड के लिए कौन और कब तक कर सकता है अप्लाई?

  • कौन: एनपीएस या एनपीएस लाइट का कोई भी सब्सक्राइबर जिसका पैसा प्रान में क्रेडिट नहीं हुआ.
  • समय सीमा: आपके पास एक लंबा वक्त है। पैसा SPCPA में ट्रांसफर होने के बाद आप अगले 25 साल तक रिफंड का दावा कर सकते हैं.

रिफंड की प्रक्रिया: स्टेप-बाय-स्टेप

  1. आवेदन: आपको तय फॉर्मेट में पीएफआरडीए या संबंधित पीओपी (PoP) के पास आवेदन करना होगा.
  2. दस्तावेज: आवेदन के साथ जरूरी सपोटिंग डॉक्यूमेंट्स लगाने होंगे.
  3. सत्यापन: पीएफआरडीए आपके दस्तावेजों की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर बैंक/पीओपी से वेरिफिकेशन कराएगा.
  4. भुगतान: अप्रूवल मिलने के बाद पैसा सीधे आपके सेविंग बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाएगा.

आपको कितनी रकम वापस मिलेगी?

रिफंड सिर्फ मूल राशि का नहीं होगा, बल्कि इसमें शामिल होगा:

  • आपकी मूल जमा राशि (Original Contribution).
  • अगर मध्यस्थ से कोई मुआवजा (Compensation) मिला है, तो वह भी.
  • उस अवधि का ब्याज (Interest), जो अथॉरिटी द्वारा तय की गई दर पर मिलेगा.

किन कंपनियों/बैंकों (PoPs) ने रिपोर्ट किया है?

18 सितंबर 2025 तक के रिकॉर्ड के मुताबिक, कई प्रमुख बैंकों और संस्थाओं ने ऐसा अनक्लेम्ड पैसा पीएफआरडीए को भेजा है। यदि आपने इनके जरिए निवेश किया था, तो आपको अपनी पुरानी रसीदें चेक करनी चाहिए:

  • प्रमुख सरकारी और निजी बैंक.
  • एनपीएस लाइट के पुराने एग्रीगेटर्स.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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