NPS Sanchay: पेंशन फंड नियामक PFRDA ने ‘NPS Sanchay’ पहल को और मजबूत करने के लिए एक नए इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) का ऐलान किया है. इस कदम का सीधा मकसद ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रहने वाले आम लोगों को पेंशन स्कीम से जोड़ना है.
किसे मिलेगा 100 रुपये का फायदा?
सरकार ने तय किया है कि जो ग्रासरूट लेवल के एजेंट किसी व्यक्ति का NPS Sanchay अकाउंट खुलवाएंगे, उन्हें हर सब्सक्राइबर पर 100 रुपये का इनाम दिया जाएगा. यह पैसा उन पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस (PoPs) को मिलेगा जो गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं. खास बात यह है कि यह 100 रुपये की राशि, अकाउंट खोलने के लिए मिलने वाले मौजूदा चार्ज के अलावा होगी. यानी एजेंटों के लिए यह एक एक्स्ट्रा कमाई का मौका है.
कौन हैं ये ग्रासरूट पेंशन एजेंट?
पेंशन के दायरे को बढ़ाने की जिम्मेदारी उन लोगों को सौंपी गई है जो पहले से ही गांवों में लोगों के करीब हैं. इसमें CSC विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर्स (CSC-VLEs), बैंकों के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स (BCs), पेंशन सखियां और प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटीज (PACS) शामिल हैं. ये लोग ‘लास्ट-माइल कनेक्टर्स’ की तरह काम करेंगे, ताकि छोटे कस्बों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों तक भी पेंशन की जानकारी पहुंच सके.
इनाम पाने की शर्तें क्या हैं?
यह 100 रुपये का इंसेंटिव पाने के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं. सबसे जरूरी यह है कि अकाउंट खोलते समय PFRDA द्वारा तय की गई शुरुआती योगदान राशि (Initial Contribution) जमा होनी चाहिए. इसके अलावा, जो भी कंट्रीब्यूशन नॉर्म्स यानी नियम हैं, उनका पालन करना अनिवार्य है. यह ऑफर हमेशा के लिए नहीं है. यह नियम 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा. हालांकि, PFRDA के पास इसे पहले खत्म करने या बदलाव करने का अधिकार सुरक्षित है.
क्यों जरूरी है यह कदम?
भारत में एक बड़ी आबादी ऐसी है जो असंगठित क्षेत्र (informal sector) में काम करती है और जिनके पास बुढ़ापे के लिए कोई ठोस बचत नहीं होती. NPS Sanchay के जरिए सरकार इन्हीं लोगों को एक सुरक्षित भविष्य देना चाहती है. पेंशन रेगुलेटर ने यह निर्देश PFRDA एक्ट, 2013 की धारा 14 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जारी किया है.
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