नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वालों के लिए पिछले 3 महीने काफी अहम रहे. अप्रैल से जून 2026 के बीच पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने NPS को लेकर कई नए सर्कुलर जारी किए. इनमें खाते के चार्ज, निवेश, पैसे निकालने, पेंशन लेने और ऑनलाइन खाता खोलने से जुड़े नियम बदले गए हैं.
सीधी बात यह है कि कुछ खातों पर चार्ज कम हुआ है, निवेश के विकल्प बढ़े हैं और NPS से जुड़े कई काम अब पहले से आसान होने वाले हैं. आइए जानते हैं इन 10 बदलावों का आप पर क्या असर पड़ेगा.
NPS में कौन-कौन से 10 बदलाव हुए?
| बदलाव | क्या बदला? | |
| 1. | NPS स्वास्थ्य | दूसरे पायलट फेज में पहुंचा |
| 2. | छोटे खाते | ₹1,000 तक के टियर II खाते पर AMC नहीं |
| 3. | डॉर्मेंट खाते | सिर्फ 10% AMC देना होगा |
| 4. | NPS निवेश | SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग नियम लागू |
| 5. | NPS संचय | 18 से 85 साल वालों के लिए नया विकल्प |
| 6. | NDB बॉन्ड | रुपये में जारी बॉन्ड में निवेश की मंजूरी |
| 7. | एन्युटी | कुछ गंभीर बीमारियों में सरेंडर की सुविधा |
| 8. | RIS | नियमित पेंशन पाने के नए विकल्प |
| 9. | रेगुलेटरी सैंडबॉक्स | नए पेंशन आइडिया टेस्ट करने की सुविधा |
| 10. | स्टार NPS | ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और डिजिटल वेरिफिकेशन |
छोटे NPS खातों वालों को क्या फायदा होगा?
29 अप्रैल के सर्कुलर में खाते के रखरखाव से जुड़े चार्ज को लेकर राहत दी गई. अगर टियर II खाते में ₹1,000 तक का पैसा है, तो उस पर सालाना मेंटेनेंस चार्ज यानी AMC नहीं लगेगा. डॉर्मेंट यानी लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहे खातों पर भी सिर्फ लागू AMC का 10% चार्ज लिया जाएगा. मौजूदा PRAN से नया टियर I या टियर II खाता खोलने या एक्टिवेट करने पर अलग से PRAN ओपनिंग चार्ज नहीं देना होगा. APY और NPS-लाइट के जीरो-बैलेंस खातों पर भी AMC नहीं लगेगा.
NPS में पैसे लगाने के तरीके में क्या बदला?
5 मई से NPS के निवेश पर SEBI के इनसाइडर ट्रेडिंग, सेल्फ-डीलिंग और फ्रंट-रनिंग से जुड़े नियम लागू हो गए. यानी पेंशन फंड्स को निवेश से जुड़े काम में इन नियमों का पालन करना होगा. 12 मई को NPS संचय शुरू किया गया. इसमें 18 से 85 साल के भारतीय नागरिक जुड़ सकते हैं. इसमें पहले से तय एसेट एलोकेशन रखा गया है, ताकि निवेश करने वाले को बार-बार निवेश का तरीका चुनने की परेशानी न हो. 13 मई को न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के रुपये में जारी बॉन्ड को भी NPS में निवेश के लिए योग्य बनाया गया. इसके लिए पहले से लागू AA या उससे ऊपर की क्रेडिट रेटिंग और मैच्योरिटी से जुड़े नियम बने रहेंगे.
पैसे निकालने और पेंशन लेने में क्या नया है?
14 मई को कुछ पुरानी एन्युटी पॉलिसी को गंभीर बीमारी के मामले में सरेंडर करने की अनुमति दी गई. यह सुविधा 24 अक्टूबर 2024 से पहले जारी उन पॉलिसी पर लागू होगी, जिनमें सरेंडर की शर्त पहले से मौजूद है. 15 मई को रिटायरमेंट इनकम स्कीम (RIS) शुरू की गई. इसके तहत NPS से नियमित तौर पर पैसे लेने के दो विकल्प दिए गए हैं- सिस्टेमैटिक पेंशन रिडेम्पशन (SPR) और सिस्टेमैटिक यूनिफॉर्म रिडेम्पशन (SUR). इस दौरान बचा हुआ पैसा निवेश में लगा रह सकता है.
2 जून को PFRDA ने रेगुलेटरी सैंडबॉक्स शुरू किया, जिससे पेंशन सेक्टर में नए प्रोडक्ट और टेक्नोलॉजी को पहले टेस्ट किया जा सकेगा. वहीं 3 जून को स्टार NPS प्लेटफॉर्म आया. इसमें सीकेवाईसी और डिजीलॉकर के जरिए ऑनलाइन पहचान जांच की सुविधा है. इसके अलावा पेंशन एजेंट के लिए PAN को यूनिक पहचान नंबर बनाया गया है. PoP को अपने एजेंट्स की हर 6 महीने में सूची अपनी वेबसाइट पर डालनी होगी.
