सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव, आज से घट सकती है आपकी ‘इन-हैंड’ सैलरी, लेकिन बढ़ जाएगा रिटायरमेंट फंड; जानें गणित

New labour Code: 1 अप्रैल 2026 से नए लेबर कोड के तहत बेसिक सैलरी का CTC का 50% होना अनिवार्य कर दिया गया है. इससे कर्मचारियों के PF और ग्रेच्युटी योगदान में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनका रिटायरमेंट फंड पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और बड़ा हो जाएगा.

New labour Code: अभी तक अधिकांश कंपनियां टैक्स बचाने के लिए ‘बेसिक सैलरी’ को कम रखती थीं और भत्तों (Allowances) को 70% से 80% तक बढ़ा देती थीं. लेकिन नए नियमों के बाद अब भत्ते कुल CTC के 50% से ज्यादा नहीं हो सकेंगे.

इन-हैंड सैलरी पर क्या होगा असर ?

जब बेसिक सैलरी बढ़ती है, तो आपकी सैलरी से कटने वाला प्रोविडेंट फंड (PF) का हिस्सा भी बढ़ जाता है, क्योंकि PF की गणना बेसिक पे के आधार पर होती है.

  • गणित: यदि आपकी बेसिक सैलरी पहले ₹20,000 थी और अब बढ़कर ₹30,000 हो गई है, तो आपका 12% PF योगदान भी ₹2,400 से बढ़कर ₹3,600 हो जाएगा.
  • नतीजा: आपके खाते में हर महीने आने वाली नकद राशि (Take-home salary) कुछ कम हो जाएगी.

रिटायरमेंट फंड में जबरदस्त इजाफा

भले ही हर महीने मिलने वाली सैलरी थोड़ी कम दिखे, लेकिन भविष्य के लिए यह एक बेहतरीन खबर है.

EPF योगदान: कंपनी का योगदान भी आपके PF खाते में बढ़ जाएगा, जिससे रिटायरमेंट के समय आपके पास एक बड़ा फंड जमा होगा.
ग्रेच्युटी (Gratuity): ग्रेच्युटी की कैल्क्युलेशन भी बेसिक सैलरी पर होती है. बेसिक बढ़ने से आपकी ग्रेच्युटी की रकम में भी भारी बढ़ोतरी होगी, जो नौकरी छोड़ने या रिटायर होने पर मिलती है. ग्रेच्युटी कैलकुलेटर के लिए यहां क्लिक करें

कंपनियों के लिए बढ़ेगा खर्च

इस नियम से कंपनियों की ‘स्टाफ कॉस्ट’ बढ़ जाएगी, क्योंकि उन्हें अब कर्मचारी के PF और ग्रेच्युटी के लिए  अपनी जेब से अधिक पैसा डालना होगा. कंपनियां अपनी बढ़ती लागत को बैलेंस करने के लिए भविष्य में नए कर्मचारियों के CTC स्ट्रक्चर को दोबारा डिजाइन कर सकती हैं.

सैलरी कंपोनेंटपुराना स्ट्रक्चर (अनुमानित)नया स्ट्रक्चर (1 अप्रैल से)प्रभाव
बेसिक सैलरीCTC का 30-40%CTC का 50% (अनिवार्य)बढ़ा
PF योगदानकम (बेसिक कम होने से)ज्यादा (बेसिक बढ़ने से)बढ़ा
इन-हैंड सैलरीज्यादाथोड़ी कमघटा
रिटायरमेंट फंडकमकाफी ज्यादाबढ़ा

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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