लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया नया आयकर विधेयक 2025

New Income Tax Bill 2025: सदन में विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि इसमें कानूनी शब्दों की संख्या को कम किया गया है और इसे करदाताओं के लिए अधिक सरल और उपयोगी बनाया गया है.

New Income Tax Bill 2025: New Income Tax Bill 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में नया आयकर बिल (New Income Tax Bill) पेश की. इसकी घोषणा 1 फरवरी को ही की गई थी. यह विधेयक मौजूदा आयकर कानून से काफी अलग और सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. नए विधेयक का उद्देश्य टैक्स फाइलिंग प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है. सदन में विधेयक पेश करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि इसमें कानूनी शब्दों की संख्या को कम किया गया है और इसे करदाताओं के लिए अधिक सरल और उपयोगी बनाया गया है. इससे जुड़ी कई अहम जानकारियां भी सामने आ चुकी हैं, जिन्हें जानना टैक्सपेयर्स के लिए बेहद जरूरी है.

आसान होगा नया टैक्स सिस्टम

1961 में बना आयकर अधिनियम अब काफी पुराना हो चुका है और इसमें समय-समय पर हुए संशोधनों के कारण यह बहुत जटिल बन गया है. इसके चलते आयकर के कानूनी विवाद और मुकदमे लगातार बढ़ रहे हैं. नए आयकर कानून में इसे सरल और डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है.

ड्राफ्ट में 298 सेक्शन और 622 पन्ने

नए आयकर कानून का ड्राफ्ट पहले ही जारी हो चुका है. यह 622 पन्नों में 298 सेक्शनों के साथ तैयार किया गया है. इसका सीधा असर टैक्सपेयर्स पर पड़ेगा. संसद में इस ड्राफ्ट पर चर्चा के बाद ही इसे लागू किया जाएगा.

टैक्स छूट के नए प्रावधान

एनपीएस (NPS) और ईपीएफ (EPF) पर टैक्स छूट बढ़ाने का प्रस्ताव है. इसके अलावा सेवानिवृत्ति फंड, म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को भी कर लाभ मिलेगा. इंश्योरेंस पॉलिसी धारकों को भी अतिरिक्त कर लाभ दिया जाएगा.

टैक्स चोरी पर कड़ी कार्रवाई

नए बिल में टैक्स चोरी करने वालों पर कड़े प्रावधान लाए गए हैं. जानबूझकर टैक्स छिपाने वालों की संपत्ति जब्त की जा सकती है, खाते सीज किए जा सकते हैं और जुर्माना व अधिक ब्याज भी वसूला जा सकता है.

किसानों और राजनीतिक दलों को राहत

नए बिल में किसानों की आय को कुछ शर्तों के तहत कर-मुक्त रखा जाएगा. राजनीतिक दलों और इलेक्टोरल ट्रस्ट को भी टैक्स छूट मिलेगी. धार्मिक ट्रस्ट और दान की गई राशि पर भी कर राहत जारी रहेगी.

नई टैक्स दरें

आय (रुपये में ) टैक्स दर (%)
0-40
4-8 लाख 5%
8-12 लाख 10%
12-16 लाख 15%
16-20 लाख 20%
20-24 लाख 25%
24 लाख से अधिक 30%

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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