Moody's ने भारतीय की अर्थव्यवस्था पर फिर जताया भरोसा, द्धि दर का अनुमान बढ़ाकर किया 6.7 फीसदी किया

मूडीज ने अपने ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक’ में कहा कि मजबूत सेवाओं के विस्तार तथा पूंजीगत व्यय ने भारत की दूसरी (अप्रैल-जून) तिमाही में एक साल पहले की तुलना में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि को प्रेरित किया.

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस (Moody’s Investors Service) भारत के विकास दर को एक बार फिर से बढ़ा दिया है. बताया जा रहा है कि रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने मजबूत आर्थिक गति के चलते 2023 कैलेंडर वर्ष के लिए भारत की वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर शुक्रवार को 6.7 प्रतिशत कर दिया. मूडीज ने अपने ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक’ में कहा कि मजबूत सेवाओं के विस्तार तथा पूंजीगत व्यय ने भारत की दूसरी (अप्रैल-जून) तिमाही में एक साल पहले की तुलना में 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि को प्रेरित किया. इसलिए हमने भारत के लिए अपने 2023 कैलेंडर वर्ष के वृद्धि का अनुमान 5.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है. रेटिंग एजेंसी ने कहा कि दूसरी तिमाही का बेहतर प्रदर्शन 2023 में उच्च आधार प्रदान करता है. हमने अपना 2024 का वृद्धि अनुमान 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया है.

भारत का आउटलूक रखा था स्थित

इससे पहले अगस्त के महीने में मूडीज ने भारत के रेटिंग को लेकर बड़ा एलान किया था. मूडीज ने आज भारत की रेटिंग Baa3 पर बरकरार रखी है और देश का आउटलुक स्टेबल यानी स्थिर रखा है. इस दौरान संस्थान ने साफ कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर काफी तेजी से विकास करेगी. हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले सात से दस वर्षों में भारत की संभावित आर्थिक प्रगति की दर में कमी देखी गई है.

भारतीय अर्थव्यवस्था की सकारात्मकता को स्वीकारती है मूडीज

रेटिंग एजेंसी कहा कि मूडीज ने भारतीय अर्थव्यवस्था की सकारात्मकता को स्वीकार किया है. हम मूडीज की तरफ से रेटिंग में सुधार को लेकर आशान्वित हैं. मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने स्थिर दृष्टिकोण के साथ भारत को ‘बीएए3’ सॉवरेन साख रेटिंग दी हुई है. निवेश-योग्य श्रेणी में ‘बीएए3’ सबसे निचली रेटिंग है.

भारत का Q1 में 7.8% रही जीडीपी ग्रोथ

कृषि और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन से देश की आर्थिक वृद्धि दर (जीडीपी) चालू वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में 7.8 प्रतिशत रही है. यह पिछली चार तिमाहियों में सबसे ऊंची वृद्धि दर है. बृहस्पतिवार को जारी आधिकारिक आंकड़े से यह जानकारी मिली है. इसके साथ ही भारत प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से वृद्धि करने वाला देश बना हुआ है. चीन की जीडीपी वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही में 6.3 प्रतिशत रही है. बीते वित्त वर्ष 2022-23 की समान तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 13.1 प्रतिशत रही थी. जीडीपी वृद्धि दर 2022-23 की जनवरी-मार्च तिमाही में 6.1 प्रतिशत तथा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.5 प्रतिशत थी.

मानसूनी बारिश कम रहने के बावजूद चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी

मौजूदा मूल्य पर सकल घरेलू उत्पाद चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 70.67 लाख करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी अवधि में 65.42 लाख करोड़ रुपये था. यह आठ प्रतिशत वृद्धि है जो 2022-23 की पहली तिमाही में 27.7 प्रतिशत थी. पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े पर मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि मानसूनी बारिश कम रहने के बावजूद चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहेगी. उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर आर्थिक गतिविधियां तेज हैं. इसलिए चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर के लिये हमारा अनुमान अब भी 6.5 प्रतिशत पर बना हुआ है.

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