मनरेगा मजदूरों को अब 182 की जगह 202 रुपये मिलेगी दिहाड़ी, जनधन से 20 करोड़ महिलाओं को मिलेगा लाभ

कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए देश में लागू लॉकडाउन के दौरान प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने गुरुवार को गरीब कल्याण योजना का ऐलान किया है.

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिए देश में लागू लॉकडाउन के दौरान प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने गुरुवार को गरीब कल्याण योजना का ऐलान किया है. इसके तहत मनरेगा मजदूरों को अब 182 रुपये की जगह 202 रुपये की दिहाड़ी दी जाएगी. सरकार के इस फैसले से देश में करीब पांच करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा. इसके साथ ही, सरकार ने जनधन योजना के तहत बैंकों में खोले गये करीब 20 करोड़ महिलाओं को उनके खाते में आगामी तीन महीने तक 500 रुपये ट्रांसफर किये जाएंगे.

मनरेगा मजदूरी बढ़ाए जाने को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाताओं को बताया कि मनरेगा के तहत दैनिक मजदूरी 182 रुपये से बढ़कर 202 रुपये की गयी है. इससे पांच करोड़ परिवारों को लाभ होगा. इसके साथ ही, उन्होंने राहत पैकेज की घोषणा करते हुए कहा कि 20.5 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों को अगले तीन महीने तक हर महीने 500 रुपये दिये जायेंगे, ताकि उन्हें कुछ अतिरिक्त मदद मिल सके.

गौरमलब है कि वित्त मंत्री की ओर से यह घोषणा ऐसे समय की गयी है, जब कोरोना वायरस की महामारी से निपटने के लिए तीन सप्ताह के देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ की वजह से लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है. देश में कारखाने और निर्माण संयंत्र बंद होने से कई क्षेत्र में नौकरियां जाने की भी खबर है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी और उसके आर्थिक प्रभाव से निपटने के लिए गुरुवार को खासतौर से गरीबों, बुजुर्गों, स्वयं सहायता समूहों और निम्न आय वर्ग को राहत देते हुए 1.70 लाख करोड़ रुपये की ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ की घोषणा की है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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