क्रिप्टोकरेंसी बड़ी गिरावट से निवेशकों में हड़कंप, माइकल सेलर की कंपनी स्ट्रैटेजी को अरबों का घाटा

Michael Saylor Bitcoin Losses: बिटकॉइन के सबसे बड़े मुरीद माइकल सैलर के लिए नया साल तबाही लेकर आया है. क्रिप्टो मार्केट में मचे हाहाकार के चलते उनकी कंपनी माइक्रोस्ट्रेटी को एक ही तिमाही में 17.44 बिलियन डॉलर का भारी घाटा हुआ है. इस गिरावट ने न केवल निवेशकों को डरा दिया है, बल्कि कंपनी के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.

Michael Saylor Bitcoin Losses: दुनिया में बिटकॉइन के सबसे बड़े कॉर्पोरेट निवेशक माइकल सैलर और उनकी कंपनी ‘माइक्रोस्ट्रेटी’ (MicroStrategy) के लिए साल 2026 की शुरुआत बेहद चुनौतीपूर्ण रही है. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में आई जबरदस्त अस्थिरता और कीमतों में गिरावट के कारण, कंपनी के डिजिटल एसेट पोर्टफोलियो की वैल्यू में भारी कमी आई है. चौथी तिमाही के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी को अपने क्रिप्टो स्टॉकपाइल पर 17.44 बिलियन डॉलर का ‘अनियलाइज्ड लॉस’ (कागजी घाटा) झेलना पड़ा है.

शेयर बाजार में भारी गिरावट और इंवेस्टर्स की बढ़ी चिंता

बिटकॉइन की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर माइक्रोस्ट्रेटी के बैलेंस शीट और अर्निंग्स पर पड़ा है. साल 2025 में कंपनी के शेयरों में लगभग 47.5% की भारी गिरावट दर्ज की गई. निवेशक इस बात से चिंतित हैं कि कंपनी की पूरी वित्तीय सेहत क्रिप्टोकरेंसी के उतार-चढ़ाव पर टिकी हुई है. 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए, कंपनी ने कुल 5.40 बिलियन डॉलर का घाटा रिपोर्ट किया है, जो डिजिटल संपत्तियों की गिरती कीमतों का परिणाम है.

इस संकटपूर्ण स्थिति के बावजूद, कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए डॉलर का सहारा लिया है. कंपनी के अनुसार, 4 जनवरी 2026 तक उनके पास 2.25 बिलियन डॉलर का रिजर्व मौजूद था. माइक्रोस्ट्रेटी ने यह अमेरिकी डॉलर रिजर्व विशेष रूप से इसलिए बनाए रखा है ताकि वह अपने प्रेफर्ड स्टॉक पर डिविडेंड (लाभांश) और ब्याज का भुगतान समय पर कर सके. यह रिजर्व कंपनी को कठिन समय में नकदी की कमी से बचाने के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anshuman Parashar

अंशुमान पराशर पिछले दो वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के लिए बिजनेस की लेटेस्ट खबरों पर काम कर रहे हैं. इसे पहले बिहार की राजनीति, अपराध पर भी इन्होंने खबरें लिखी हैं. बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में इन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और विस्तृत राजनीतिक कवरेज किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >