LPG Price Hike: आम जनता की रसोई पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है. केंद्र सरकार ने घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी की है. इसके साथ ही व्यापारिक इस्तेमाल में आने वाले कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं. बढ़ी हुई ये कीमतें आज, 7 मार्च 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो गई हैं.
घरेलू सिलेंडर अब 913 रुपये के पार
राजधानी दिल्ली में अब 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा, जो कल तक 853 रुपये का था. गौर करने वाली बात यह है कि घरेलू सिलेंडर के दामों में यह बदलाव करीब एक साल के अंतराल के बाद देखा गया है. इससे पहले 8 अप्रैल 2025 को कीमतों में 50 रुपये का इजाफा किया गया था.
प्रमुख शहरों में घरेलू सिलेंडर के नए दाम
| शहर | नए दाम (₹) | पुराने दाम (₹) | अंतर (₹) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 913.00 | 853.00 | +60.00 |
| कोलकाता | 939.00 | 879.00 | +60.00 |
| मुंबई | 912.50 | 852.50 | +60.00 |
| चेन्नई | 928.50 | 868.50 | +60.00 |
| भोपाल | 918.50 | 858.50 | +60.00 |
| जयपुर | 916.50 | 856.50 | +60.00 |
| पटना | 1011.00 | 951.00 | +60.00 |
| रायपुर | 984.00 | 924.00 | +60.00 |
कॉमर्शियल सिलेंडर 115 रुपये महंगा
होटल और रेस्टोरेंट व्यवसायियों के लिए भी राहत की खबर नहीं है. 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये की वृद्धि की गई है. दिल्ली में अब इसकी कीमत 1883 रुपये हो गई है. बता दें कि इससे पहले 1 मार्च को भी इसमें 31 रुपये की मामूली बढ़ोतरी की गई थी.
कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम
| शहर | नए दाम (₹) | पुराने दाम (₹) | अंतर (₹) |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1883.00 | 1768.50 | +114.50 |
| कोलकाता | 1990.00 | 1875.50 | +114.50 |
| मुंबई | 1835.00 | 1720.50 | +114.50 |
| चेन्नई | 2043.50 | 1929.00 | +114.50 |
| भोपाल | 1910.50 | 1796.00 | +114.50 |
| जयपुर | 1990.00 | 1875.50 | +114.50 |
| पटना | 2150.00 | 2035.50 | +114.50 |
| रायपुर | 2109.50 | 1995.00 | +114.50 |
किल्लत रोकने के लिए सरकार का ‘इमरजेंसी’ एक्शन
बाजार में गैस की संभावित कमी (Shortage) को देखते हुए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. 5 मार्च को अपनी इमरजेंसी शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार ने देश की सभी तेल रिफाइनरी कंपनियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि वे LPG उत्पादन की क्षमता बढ़ाएं.
इसका सीधा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कीमतों में वृद्धि के बीच बाजार में सिलेंडर की कोई किल्लत न हो और जनता को सप्लाई के लिए भटकना न पड़े. सरकार ने कंपनियों को अन्य पेट्रोलियम उत्पादों के मुकाबले रसोई गैस के उत्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है.
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