Lalit Modi Net Worth: कभी स्कूल से निकाले गए, फिर बने IPL बॉस और अब भगोड़े, ललित मोदी के पास है इतनी संपत्ति

Lalit Modi Net Worth: कभी स्कूल से निकाले गए ललित मोदी ने IPL बॉस बनकर शोहरत पाई, लेकिन अब भगोड़ा घोषित होने के बाद भी उनके पास करोड़ों की संपत्ति का विशाल साम्राज्य है.

Lalit Modi Net Worth: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पूर्व चेयरमैन और फरार कारोबारी ललित मोदी ने हाल ही में भारत की नागरिकता छोड़ने के लिए आवेदन किया. इस प्रक्रिया के दौरान खुलासा हुआ कि अब वह वानुअतु नामक छोटे द्वीपीय देश का नागरिक बन चुका है. वानुअतु, जो प्रशांत महासागर में स्थित है, लगभग 3 लाख की आबादी वाला देश है, जो देहरादून जैसे शहर से भी छोटा है. इस क्षेत्र में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट का खतरा हमेशा बना रहता है.

10 मार्च को खबर आई कि वानुअतु के प्रधानमंत्री जोथम नापाट ने ललित मोदी का पासपोर्ट रद्द करने का आदेश जारी किया है, क्योंकि उन पर प्रत्यर्पण से बचने का आरोप है. सवाल यह उठता है कि ऐसे देश में ललित मोदी ने आखिर क्यों करोड़ों रुपए खर्च कर नागरिकता हासिल की? और ललित मोदी कितनी संपत्ति के मालिक है जो दूसरे देश में जाना चाहते हैं .

ललित मोदी का व्यवसायिक साम्राज्य (Lalit Modi’s business empire)

ललित मोदी का व्यवसायिक साम्राज्य विविध क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसमें कृषि, तंबाकू, कन्फेक्शनरी, सौंदर्य प्रसाधन, मनोरंजन, फैशन, ट्रैवल और रेस्तरां शामिल हैं. उनकी कंपनी, मोदी एंटरप्राइजेज, इन सभी क्षेत्रों में सक्रिय है और इसकी कुल संपत्ति लगभग 18,000 करोड़ रुपये आंकी गई है.  इसके अलावा, ललित मोदी की निजी संपत्ति लगभग 4,555 करोड़ रुपये ($570 मिलियन) बताई जाती है.

लंदन में आलीशान निवास (Lalit Modi’s Luxury residence in London)

वर्तमान में, ललित मोदी लंदन के स्लोन स्ट्रीट पर स्थित एक लक्जरी हवेली में रहते हैं. यह पांच मंजिला हवेली 7,000 वर्ग फुट में फैली हुई है और इसमें 14 कमरे शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हवेली का मासिक किराया लगभग 20 लाख रुपये है. यह निवास उनकी संपत्ति और जीवनशैली की भव्यता को दर्शाता है.

परिवारिक पृष्ठभूमि (Lalit Modi’s Family Background)

ललित मोदी का जन्म एक प्रतिष्ठित व्यवसायिक परिवार में हुआ था. उनके दादा, गुजरमल मोदी, ने मोदी ग्रुप की स्थापना की थी और दिल्ली के औद्योगिक शहर मोदीनगर की स्थापना की थी. गुजरमल मोदी को 1968 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था. उनके पिता, कृष्ण कुमार मोदी, ने पारिवारिक व्यवसाय का विस्तार किया और विभिन्न क्षेत्रों में प्रवेश किया, जिसमें कृषि, तंबाकू, कन्फेक्शनरी, सौंदर्य प्रसाधन, मनोरंजन, फैशन, ट्रैवल और रेस्तरां शामिल हैं.

ललित मोदी की शिक्षा और प्रारंभिक जीवन (Lalit Modi’s education and early life)

ललित मोदी ने अपनी स्कूली शिक्षा शिमला के बिशप कॉटन स्कूल से शुरू की, लेकिन बाद में नैनीताल के सेंट जोसेफ कॉलेज में पढ़ाई की. 1976 से 1980 के बीच, उन्होंने नैनीताल में शिक्षा ग्रहण की. हालांकि, 1980 में, 10वीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान, एक घटना के कारण उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था. इस घटना ने उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाया और उन्हें व्यवसायिक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया.

व्यवसायिक यात्रा (Lalit Modi’s business trip)

ललित मोदी ने ‘मोदी एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स’ की स्थापना की और 1992 में वॉल्ट डिज़्नी के साथ साझेदारी करके भारत में डिज़्नी के कॉन्टेंट के प्रसारण की शुरुआत की. 1994 में, वे ESPN के ऑल इंडिया डिस्ट्रीब्यूटर बने. इसके अलावा, उनकी कंपनी, मोदी एंटरप्राइजेज, मोदी केयर, इंडोफिल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रॉकफोर्ड व्हिस्की, मार्लबोरो सिगरेट, पान विलास पान मसाला, बीकन ट्रैवल कंपनी, 24 सेवन रिटेल स्टोर आदि जैसे कई लोकप्रिय ब्रांडों का संचालन करती है.

आईपीएल की स्थापना और विवाद (Establishment and controversy of IPL)

ललित मोदी ने 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की स्थापना की, जो आज विश्व की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीगों में से एक है. हालांकि, 2010 में, उन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे, जिसके बाद वे भारत छोड़कर लंदन में बस गए. इन आरोपों के बावजूद, आईपीएल की सफलता में उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता.

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लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

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अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

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शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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