लाड़ली बहना योजना 40वीं किस्त: खाते में कब आएंगे 1500 रुपये, क्या है पात्रता? पूरी जानकारी

Ladli Behna Yojana 40th Installment : मध्य प्रदेश की डॉ मोहन यादव सरकार राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लाड़ली बहना योजना चला रही है. जिसके तहत हर महीने पात्र महिलाओं को 1500 रुपये, उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं. रक्षाबंधन से पहले 19 अगस्त को सरकार ने योजना की 39वीं किस्त के रूप में महिलाओं के खाते में 1500 रुपये और 250 रुपये गिफ्ट के रूप में ट्रांसफर किया था.

Ladli Behna Yojana 40th Installment : मध्य प्रदेश की महिलाओं को अब लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त का इंतजार होगा. यहां बता देना चाहते हैं कि राज्य सरकार हर महीने की 10 से 15 तारीख के बीच योजना की किस्त जारी करती है. इस बार भी ऐसी उम्मीद की जा रही है कि सरकार 15 सितंबर से पहले 40वीं किस्त का भुगतान कर देगी.

योजना का लाभ

  • प्रत्येक पात्र महिला को 1500/- रुपये प्रतिमाह आधार लिंक डीबीटी इनेबल्ड बैंक खाते में किए जाते हैं.
  • किसी परिवार की 60 वर्ष से कम आयु की महिला को इस योजना का लाभ मिलेगा.

पात्रता क्या है?

  • मध्यप्रदेश की स्थानीय निवासी हों.
  • विवाहित हों, जिनमें विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिला भी सम्मिलित होंगी.
  • आवेदन के कैलेंडर वर्ष में, 01 जनवरी की स्थिति में 21 वर्ष पूर्ण कर चुकी हों तथा 60 वर्ष की आयु से कम हों.

किन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलेगा?

  • जिनके स्वयं / परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो.
  • जिनके स्वयं / परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता हो.
  • जिनके स्वयं / परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मंडल/ स्थानीय निकाय में नियमित/स्थाईकर्मी/संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो.
  • जो स्वयं भारत सरकार/ राज्य सरकार की किसी भी योजना अंतर्गत प्रतिमाह राशि रुपये 1250/- या उससे अधिक की राशि प्राप्त कर रही हों.
  • जिनके स्वयं / परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद/ विधायक हो.
  • जिनके स्वयं / परिवार का कोई सदस्य भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के द्वारा चयनित/ मनोनीत, बोर्ड/ निगम/ मंडल/ उपक्रम के अध्यक्ष/ संचालक/ सदस्य हो.
  • जिनके स्वयं / परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकायों में निर्वाचित जनप्रतिनिधि (पंच एवं उपसरपंच को छोड़कर) हो.
  • जिनके स्वयं / परिवार के सदस्यों के पास संयुक्त रूप से कुल 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो.
  • जिनके स्वयं / परिवार के सदस्यों के नाम से पंजीकृत चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़ के) हो.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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