नयी दिल्ली: आम लोगों की डाटा लीक करने के मामले लगातार सामने आते रहते हैं. अब निवेशकों की जानकारी भी उजागर होने लगी है. मामला शेयर मार्केट से जुड़ा हुआ है. खबर है कि 4.39 करोड़ निवेशकों की जानकारी को सीडीसीएल की केवाईसी इकाई ने लीक कर दी है. एक बार नहीं. दो-दो बार. वह भी सिर्फ 10 दिन में.
बताया गया है कि सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) की अनुषंगी कंपनी सीडीएसएल वेंचर्स लिमिटेड (CVL) ने 10 दिन में दो बार चार करोड़ से अधिक भारतीय निवेशकों का व्यक्तिगत और वित्तीय ब्योरा (डेटा) उजागर किया है. साइबर सुरक्षा सलाहकार स्टार्टअप कंपनी साइबरएक्स9 (CyberX9) ने यह खुलासा किया है.
सीडीएसएल दरअसल भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) में पंजीकृत एक डिपॉजिटरी है. वहीं, सीवीएल एक केवाईसी पंजीकरण एजेंसी है, जो अलग से सेबी के पास पंजीकृत है. इस संबंध में सीडीएसएल ने कहा कि उसने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की है और अब गड़बड़ी को ठीक कर दिया गया है.
साइबरएक्स9 के अनुसार, उसने 19 अक्टूबर को सीडीएसएल को इस बारे में सूचना दी थी. इसे ठीक करने में सीवीएल को लगभग 7 दिन लग गये, जबकि इसका तुरंत समाधान किया जा सकता था. साइबरएक्स9 के संस्थापक और प्रबंध निदेशक हिमांशु पाठक ने कहा कि कंपनी ने जानकारी जारी करने से पहले गड़बड़ी की पुष्टि की. तब तक सब ठीक कर दिया गया था.
हिमांशु पाठक ने कहा, ‘हमारी जांच टीम 29 अक्टूबर को फिर से काम पर लग गयी. इस दौरान कुछ ही मिनटों में हमने पाया कि सुरक्षित की गयी उस प्रणाली में आसानी से सेंध लगायी जा सकती है, जिसे सीडीएसएल ने पहली गड़बड़ी को ठीक करने के लिए अपनाया था.’
सीडीएसएल ने कहा- कोई सुरक्षा समस्या नहीं
साइबरएक्स9 ने अपने ब्लॉग में बताया कि उजागर डेटा में निवेशकों के नाम, फोन नंबर, ई-मेल पता, पैन नंबर, आय श्रेणी, पिता का नाम तथा जन्म तिथि शामिल है. वहीं, सीडीएसएल ने इस बारे में कहा कि सीडीएसएल में कोई सुरक्षा समस्या नहीं है. सीवीएल को उसकी वेबसाइट पर एक चेतावनी मिली थी, जिसे बाद में ठीक कर दिया गया है.
Posted By: Mithilesh Jha
