3 दिन में न कराई तो बंद हो जाएगा जनधन खाता, जानें फायदे और जरूरी नियम

Jan Dhan Re KYC Deadline: 30 सितंबर तक जनधन खाता धारकों को री-केवाईसी कराना अनिवार्य है. यदि निर्धारित समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो खाता निष्क्रिय हो सकता है और सरकारी सब्सिडी सहित लेन-देन रुक जाएंगे. सरकारी बैंक गांव-गांव कैंप लगाकर री-केवाईसी सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं.

Jan Dhan Re KYC Deadline: प्रधानमंत्री जनधन योजना (PMJDY) ने 10 साल पूरे कर लिए हैं. योजना की शुरुआत 2014 में हुई थी और आज यह करोड़ों परिवारों की वित्तीय जीवनरेखा बन चुकी है. अब चूंकि बैंक खाते खोलने के 10 साल बाद केवाईसी (KYC) अपडेट करना अनिवार्य होता है, इसलिए सरकार ने सभी जनधन खाताधारकों से 30 सितंबर 2025 तक री-केवाईसी (Re-KYC) पूरा करने के निर्देश दिए हैं. अगर आपका भी जनधन खाता है और आपने अभी तक री-केवाईसी नहीं कराया है, तो आपके पास सिर्फ 3 दिन का समय बचा है. ऐसा न करने पर बैंक आपका खाता बंद कर सकता है.

जनधन खातों की बढ़ती संख्या

10 साल में जनधन योजना के खातों में 4 गुना से अधिक वृद्धि हुई है।

वर्षखातों की संख्या (करोड़ में)
201514.72 करोड़
201728.17 करोड़
201935.27 करोड़
202142.20 करोड़
202348.65 करोड़
202556.16 करोड़

री-केवाईसी (Re-KYC) क्या है और क्यों जरूरी है?

री-केवाईसी का मतलब है बैंक में आपके पुराने रिकॉर्ड जैसे नाम, पता, फोटो और पहचान पत्र को दोबारा अपडेट करना. इसका उद्देश्य खाता सुरक्षित बनाना, धोखाधड़ी रोकना और बैंकिंग सेवाओं को निर्बाध बनाए रखना है.

किन खाताधारकों को कराना होगा री-केवाईसी?

2014-2015 में खोले गए जनधन खातों की 10 साल की केवाईसी वैधता अब पूरी हो रही है. इन खातों के सक्रिय बने रहने के लिए री-केवाईसी अनिवार्य है. इसके लिए सरकारी बैंक 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक देशभर के ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष शिविर आयोजित कर रहे हैं. इनमें बैंक अधिकारी घर-घर जाकर री-केवाईसी की सुविधा दे रहे हैं. अब तक 1 लाख से ज्यादा पंचायतों में कैंप लगाए जा चुके हैं और लाखों लोगों ने अपने डॉक्यूमेंट अपडेट कर दिए हैं.

अगर री-केवाईसी नहीं कराया तो क्या होगा?

  • खाता निष्क्रिय (Inactive) हो जाएगा.
  • पैसों का लेन-देन रुक सकता है.
  • सरकारी योजनाओं की सब्सिडी और लाभ खाते में नहीं आएंगे.

जनधन खाते के फायदे

जनधन योजना के तहत खाताधारकों को कई लाभ मिलते हैं:
जीरो बैलेंस खाता: बिना न्यूनतम राशि के भी खाता खुलता है.
RuPay डेबिट कार्ड: एटीएम और दुकानों पर लेन-देन के लिए मुफ्त कार्ड.
₹2 लाख का दुर्घटना बीमा: रूपे कार्ड के साथ बीमा कवर.
ओवरड्राफ्ट सुविधा: ₹10,000 तक का लोन उपलब्ध.
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT): सरकारी सब्सिडी सीधे खाते में आती है.
बचत पर ब्याज: सामान्य बचत खातों की तरह ब्याज की सुविधा.

खाता खोलने की प्रक्रिया

आधार कार्ड (सबसे महत्वपूर्ण) – न होने पर वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या कोई अन्य सरकारी पहचान पत्र चलेगा.
पते का प्रमाण – अगर आधार में पता है तो वही पर्याप्त है, अन्यथा बिजली का बिल, राशन कार्ड आदि मान्य होंगे.
पासपोर्ट साइज फोटो – 1-2 फोटो जरूरी हैं.
आप नजदीकी बैंक, डाकघर या बैंक मित्र के पास जाकर फॉर्म भर सकते हैं. अब कई जगह ऑनलाइन खाता खोलने की सुविधा भी उपलब्ध है.

Also Read: Gold-Silver Price: नवरात्रि में टूटा सोने का भाव, चांदी फिर हुई महंगी

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >