Indian Railway: जैसलमेर रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प, मिलेंगी एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं

Indian Railway: जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से करवाया जा रहा है और हवाई अड्डे की तरह ही रेलवे स्टेशन पर सभी सुविधाएं होंगी. जैसलमेर रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाने के साथ-साथ हैरिटेज स्वरूप भी दिया जाएगा.

Indian Railway: रेलवे द्वारा सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जैसलमेर रेलवे स्टेशन को 148 करोड रुपये की लागत से हवाई अड्डे की तरह सभी आधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाया जाएगा. इस कार्य को पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा. रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से करवाया जा रहा है. उन्होंने कहा, “जैसलमेर रेलवे स्टेशन को तीन मंजिला बनाने के साथ-साथ हैरिटेज स्वरूप भी दिया जाएगा.

हवाई अड्डे की तरह ही फूड कोर्ट, सुविधायुक्त प्रतीक्षालय, लिफ्ट, ऐस्कलेटर, वातानुकूलित (एसी) और गैर-वातानुकूलित विश्राम कक्ष और साफ-सफाई के लिए आधुनिक मशीनें मौजूद रहेंगी.” अधिकारी के मुताबिक, जैसलमेर रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण का काम पूरा करने का जिम्मा बीकानेर की एक कंपनी ने लिया है. उन्होंने बताया कि काम सितंबर के अंत तक शुरू होने की संभावना है और इसे पूरा होने में लगभग दो साल का समय लगेगा.

मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) गीतिका पांडेय ने बताया कि सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास रेलवे के निर्माण विभाग की ओर से करवाया जा रहा है और हवाई अड्डे की तरह ही रेलवे स्टेशन पर सभी सुविधाएं होंगी. पांडेय के अनुसार, उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल पर स्थित जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मंशा के अनुरूप किया जा रहा है और काम का ठेका बीकानेर की निर्माण कंपनी एसकेटी एसजीसीसीएल (जेवी) को दिया गया है. उन्होंने बताया कि कंपनी की ओर से स्टेशन के पुनर्विकास की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसी महीने सितंबर में काम शुरू होने की संभावना है.

डीआरएम ने बताया कि देशी-विदेशी सैलानियों से गुलजार रहने वाली स्वर्ण नगरी जैसलमेर में रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण के दौरान सौंदर्यीकरण में स्थानीय कला और संस्कृति को विशेष तवज्जो दी जाएगी. उन्होंने कहा कि स्टेशन पुनर्विकास पर करीब 148 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है. पांडेय के अनुसार, नयी इमारत के निर्माण में पीले पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने बताया कि स्टेशन भवन को हैरिटेज स्वरूप देते हुए नक्काशीदार झरोखों, जालियों, छतरियों, आदि से जैसलमेर की कला और संस्कृति की पहचान बरकरार रखी जाएगी.

पांडेय के मुताबिक, प्लेटफॉर्म्स पर यात्री सुविधाओं की जानकारी देने के लिए डिजिटल डिस्प्ले लगाए जाएंगे| इसके अलावा, स्टेशन पर आने-जाने वाले दिव्यांग यात्रियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. उन्होंने बताया कि विकसित किए जाने वाले क्षेत्र में विश्व स्तरीय यात्री सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी. वहां बड़े पार्किंग स्थल, सोलर पैनल की स्थापना, बरसात के पानी की निकासी और पर्याप्त अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता समेत पुख्ता सुरक्षा बंदोबस्त किए जाएंगे.

पांडेय के अनुसार, रेलवे स्टेशन की कायापलट करने के बाद उसके वाणिज्यिक उपयोग की योजना पर भी काम किया जाएगा, जिससे रेलवे को अतिरिक्त आय मिल सकेगी. उन्होंने बताया कि काम पूरा होने में लगभग दो साल लग जाएंगे और वर्तमान स्टेशन की इमारत दो मंजिला है, जबकि नयी बिल्डिंग तीन मंजिला होगी, जिसमें विभिन्न विभागों के दफ्तर भी होंगे. देश-दुनिया के सैलानियों से गुलजार रहने वाली स्वर्ण नगरी में रेलवे स्टेशन को आधुनिक बनाने की मांग काफी समय से की जा रही थी.

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