IOCL, BPCL और HPCL के शेयरों में हलचल, क्या ड्यूटी घटने से बढ़ेगा आपका मुनाफा?

OMC Shares Impact: भारत सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर दी है. जानें इसका तेल कंपनियों के शेयरों और आपके निवेश पर क्या असर होगा?

OMC Shares Impact: भारत सरकार ने कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच एक बड़ा दांव खेला है. मिडिल ईस्ट में तनाव और युद्ध की वजह से ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं. ऐसे में भारतीय तेल कंपनियों (OMCs) को बड़े घाटे से बचाने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में भारी कटौती का ऐलान किया है. इस खबर के आते ही शेयर बाजार में IOCL, BPCL और HPCL जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजरें टिक गई हैं. 

शेयर बाजार में तेल कंपनियों का क्या हाल है?

शुक्रवार, 27 मार्च को बाजार खुलते ही इन सरकारी कंपनियों के शेयरों में 4% से 5% की उछाल देखी गई. एक्साइज ड्यूटी घटने से कंपनियों की लागत (Cost) कम होगी और उनके मुनाफे का मार्जिन बढ़ेगा. हालांकि, ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली की वजह से बाद में शेयरों में हल्की गिरावट भी आई. निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि इस कटौती से इन कंपनियों की बैलेंस शीट और कैश फ्लो में सुधार होने की पूरी उम्मीद है. 

क्या आम जनता को सस्ता पेट्रोल मिलेगा?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस कटौती से पेट्रोल पंप पर रेट कम होंगे? एक्सपर्ट्स और पूर्व HPCL चेयरमैन एम.के. सुराणा के मुताबिक, इसकी संभावना फिलहाल कम है. सरकार ने पेट्रोल पर ड्यूटी 13 रुपये से घटाकर 3 रुपये और डीजल पर 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दी है. लेकिन यह कटौती जनता के लिए रेट घटाने के बजाय कंपनियों के उस घाटे को कम करने के लिए है. 

सरकार के खजाने पर कितना बोझ पड़ेगा?

इस फैसले से सरकार को सालाना करीब 1.55 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होगा. पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि सरकार के पास दो रास्ते थे या तो जनता पर बोझ डालें या खुद घाटा सहें. सरकार ने कंपनियों को सहारा देने का फैसला किया. इसके साथ ही, विदेशी बाजारों में तेल भेजकर मोटा मुनाफा कमाने वाली रिफाइनरियों पर एक्सपोर्ट टैक्स भी लगा दिया गया है, ताकि देश के भीतर तेल की कमी न हो. 

क्या देश में तेल की कमी की अफवाह सच है?

सोशल मीडिया पर तेल की कमी की खबरों को IOCL, BPCL और HPCL ने पूरी तरह गलत बताया है.  कंपनियों ने बयान जारी कर कहा है कि उनके पास पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त स्टॉक है और सप्लाई चेन बिल्कुल दुरुस्त है. युद्ध के बावजूद भारत ने अमेरिका और लैटिन अमेरिका जैसे वैकल्पिक देशों से तेल मंगाकर अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की है. निवेशकों को सलाह है कि वे केवल प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करें. 

ये भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट जंग के बीच पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत, सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >