कोरोना का कहर : सीईओ और अपने सीनियर अफसरों के वेतन में 25 फीसदी कटौती करेगी इंडिगो

कोरोना वायरस के कहर की वजह से विमानन उद्योग की कमाई में भारी गिरावट दर्ज की गयी है. कोरोना के इस कहर की वजह से विमानन क्षेत्र पर पड़ने वाले असर की वजह से निजी विमानन कंपनी इंडिगो ने अपने सीईओ और सीनियर अफसरों की सैलरी में 25 फीसदी तक कटौती करने का फैसला किया है.

नयी दिल्ली : देश की सबसे बड़ी विमानन कंपनी इंडिगो अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) समेत अन्य वरिष्ठ कर्मियों के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती करेगी. कोरोना वायरस संकट के विमानन क्षेत्र पर व्यापक असर को देखते हुए कंपनी के सीईओ रणजय दत्ता ने गुरुवार को इसकी घोषणा की. दत्ता ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में कहा कि आमदनी में बड़ी गिरावट के चलते फिलहाल विमानन उद्योग के वजूद पर ही आन पड़ी है. ऐसे में हमें हमारी नकदी की स्थिति को ध्यान में रखकर चलना होगा, ताकि हमें नकदी संकट का सामना ना करना पड़े.

उन्होंने कहा कि इसलिए हमें खेद के साथ यह बताना पड़ रहा है कि ए और बी श्रेणी के कर्मचारियों को छोड़कर सभी के वेतन में कटौती की व्यवस्था की गयी है. यह व्यवस्था एक अप्रैल 2020 से लागू होगी. कंपनी के डी और सी श्रेणी के कर्मचारियों का वेतन कम है और उसके सबसे अधिक कर्मचारी इन्हीं श्रेणियों के हैं.

दत्ता ने कहा कि वह स्वयं के वेतन में सबसे अधिक 25 फीसदी की कटौती कर रहे हैं. कंपनी में वरिष्ठ उपाध्यक्षों के पद पर काम करने वालों के वेतन में 20 फीसदी, उपाध्यक्षों और कॉकपिट दल के लोगों के वेतन में 15 फीसदी, सहायक उपाध्यक्ष, डी श्रेणी और चालक दल के सदस्यों के वेतन में 10 फीसदी और सी श्रेणी के कर्मचारियों के वेतन में पांच फीसदी की कटौती होगी. उन्होंने कहा कि वह जानतें हैं कि यह उसके कर्मचरियों के परिवारों के लिए मुश्किल का समय है.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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