इंडिगो को झटका ! चौथी तिमाही में हुआ ₹2,536.9 करोड़ का शुद्ध घाटा

Indigo Q4 Results : इंडिगो को चौथी तिमाही में ₹2,536.9 करोड़ का बड़ा घाटा! आय बढ़ने के बावजूद रुपये में गिरावट और परिचालन चुनौतियों ने बिगाड़ा खेल. जानिए एमडी राहुल भाटिया ने क्या कहा.

Indigo Q4 Results : देश की सबसे बड़ी किफायती विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) के लिए वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण साबित हुई है.

कंपनी को जनवरी-मार्च 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में 2,536.9 करोड़ रुपये का भारी-भरकम शुद्ध घाटा (Net Loss) उठाना पड़ा है. यह नतीजा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि ठीक एक साल पहले, यानी वित्त वर्ष 2024-25 की इसी समान तिमाही में इंडिगो को 3,067.5 करोड़ रुपये का तगड़ा शुद्ध लाभ (Net Profit) हुआ था.

आय में सुधार, पर खर्चों ने बिगाड़ा गणित

शुक्रवार (29 मई, 2026) को इंडिगो द्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, कंपनी की कमाई में तो बढ़ोतरी हुई है, लेकिन खर्चों और बाहरी कारणों की वजह से मुनाफा घाटे में बदल गया. वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में इंडिगो की कुल आय 3% से अधिक बढ़कर 23,830.7 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹23,097.5 करोड़ थी.

कंपनी ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में आई तेज गिरावट, श्रम कानूनों (Labour Laws) में हुए बदलाव और जमीनी स्तर पर परिचालन की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों (Operating Challenges) के कारण कंपनी के कामकाजी मुनाफे पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ा.

अगर विदेशी मुद्रा का असर हटा दें, तो स्थिति मजबूत: एमडी राहुल भाटिया

इंडिगो के प्रबंध निदेशक (MD) राहुल भाटिया ने नतीजों पर बात करते हुए कहा कि पूरा वित्त वर्ष 2025-26 परिचालन के लिहाज से बेहद कठिन रहा, जिसका सीधा असर कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी पर दिखा.

हालांकि, उन्होंने कंपनी की बुनियादी मजबूती को लेकर कुछ अहम आंकड़े भी सामने रखे. राहुल भाटिया के मुताबिक, “इस पूरे वित्त वर्ष के दौरान हमारी क्षमता (Capacity) में 9.5% और कुल आय में 6% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है.

अगर हम विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) के उतार-चढ़ाव और कुछ असाधारण खर्चों (Exceptional Items) के प्रभाव को अलग कर दें, तो इंडिगो ने वास्तव में 75 अरब रुपये (₹7,500 करोड़) का शानदार परिचालन लाभ कमाया है.”

घरेलू आसमान पर इंडिगो का दबदबा बरकरार

भले ही तिमाही नतीजों में कंपनी को घाटा हुआ हो, लेकिन भारतीय विमानन बाजार में यात्रियों की पसंद के मामले में इंडिगो का एकछत्र राज अब भी कायम है. मार्च 2026 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश के घरेलू विमानन बाजार (Domestic Market Share) में इंडिगो की हिस्सेदारी 63.3 प्रतिशत के मजबूत स्तर पर बनी हुई है.

यानी देश में हवाई सफर करने वाला हर दूसरा-तीसरा यात्री इंडिगो की फ्लाइट से ही उड़ान भर रहा है. इंडिगो के ये नतीजे दिखाते हैं कि विमानन क्षेत्र के लिए कच्चा तेल और डॉलर की कीमत कितनी मायने रखती है. भले ही इंडिगो के प्लेन फुल चल रहे हों और उसकी कमाई बढ़ रही हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर रुपये की कमजोरी और देश के भीतर बदले नियमों के कारण कंपनी की जेब पर भारी असर पड़ा है. आने वाली तिमाहियों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी इन खर्चों को कैसे मैनेज करती है.

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Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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