Indian Railways : फिलहाल 3 मई तक नहीं चलेंगी ट्रेनें, जानें कैसे कैंसिल होगा अबतक जिनका टिकट कटा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की सुबह 10 बजे अपने राष्ट्र के संबोधन में लॉकडाउन को आगामी 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है. हालांकि, इसके पहले लोगों को यह उम्मीद थी कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए बीते 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लागू देशव्यापी 21 दिन का लॉकडाउन समाप्त कर दिया जाएगा या फिर उसमें कुछ छूट दी जाएगी. इसी उम्मीद में रेलवे और रेल यात्रियों ने 15 अप्रैल यानी बुधवार से यात्रा करने के लिए टिकटों की बुकिंग कर ली या करवा लिया, लेकिन लॉकडाउन का आगामी 20 दिनों के लिए बढ़ जाने के बाद आईआरसीटीसी और रेल यात्रियों दोनों के समक्ष परेशानी खड़ी हो गयी है. अब ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल पैदा हो रहा है कि उनके टिकट में लगे पैसे का रिफंड कैसे होगा या फिर उनके टिकट कैंसिल कैसे होंगे? रेलवे ने रेलयात्रियों के बीच पैदा हो रहे सवालों और खड़ी हो रही समस्याओं के निदान का उपाय बताया है. आइए, जानते हैं कि आपकी समस्याओं का रेलवे या आईआरसीटीसी कैसे समाधान करेगा...

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8:45 PM. 14 Apr 20 8:45 PM. 14 Apr

3 मई तक नहीं चलेंगी ट्रेनें, जानिए अबतक जिनका टिकट था वो कैसे होगा कैंसिल

नयी दिल्ली : भारतीय रेलवे ने मंगलवार को कहा कि तीन मई तक रद्द की गयी ट्रेनों की ऑनलाइन टिकट लेने वाले लोगों के पैसे खुद ब खुद वापस आ जाएंगे और काउंटर से टिकट लेने वाले लोग 31 जुलाई तक अपने पैसे वापस ले सकते हैं. रेलवे ने कहा कि जो ट्रेने रद्द नहीं हुई हैं, उसकी एडवांस बुकिंग रद्द करने वालों को भी पूरे पैसे वापस किए जाएंगे. कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश में जारी लॉकडाउन को तीन मई तक बढ़ाने की घोषणा के बाद भारतीय रेलवे ने भी मंगलवार को अपनी यात्री सेवाओं को तीन मई तक निलंबित कर दिया था.

अगले आदेश तक ई-टिकट समेत नहीं होगी ट्रेनों की एडवांस बुकिंग

रेलवे ने कहा कि ई-टिकट सहित ट्रेन की एडवांस बुकिंग अगले आदेश तक नहीं होगी. हालांकि, ऑनलाइन टिकट रद्द करने की सुविधा जारी रहेगी. रेलवे ने कहा कि जहां तक तीन मई तक रद्द की गई ट्रेनों की बात है, तो ऑनलाइन टिकट बुक करने वाले लोगों के पैसे अपने आप वापस आ जाएंगे. वहीं, काउंटर से टिकट लेने वाले 31 जुलाई तक पैसे वापस ले सकते हैं. इन ट्रेनों की टिकट लेने वालों को पूरे पैसे वापस किये जाएंगे.

एडवांस बुकिंग करने वालों के वापस होंगे पूरे पैसे

उसने कहा कि उन ट्रेनों की एडवांस बुकिंग करने वालों को भी पूरे पैसे वापस किए जाएंगे, जो अभी रद्द नहीं हुई है. इससे पहले रेलवे ने तीन मई तक यात्री सेवाएं निलंबित करते हुए कहा था कि कोविड-19 लॉकडाउन के मद्देनजर किए गये उपायों को बरकरार रखते हुए भारतीय रेलवे की प्रीमियम ट्रेनें, मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें, यात्री ट्रेनें, उपनगरीय ट्रेनें, कोलकाता मेट्रो रेल, कोंकण रेलवे सहित सभी यात्री सेवाएं तीन मई रात 12 बजे तक निलंबित रखने का फैसला किया है. भारत में अभी तक कोविड-19 के 10,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और 339 लोगों की इससे जान गयी है.

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की सुबह 10 बजे अपने राष्ट्र के संबोधन में लॉकडाउन को आगामी 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया है. हालांकि, इसके पहले लोगों को यह उम्मीद थी कि कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए बीते 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लागू देशव्यापी 21 दिन का लॉकडाउन समाप्त कर दिया जाएगा या फिर उसमें कुछ छूट दी जाएगी. इसी उम्मीद में रेलवे और रेल यात्रियों ने 15 अप्रैल यानी बुधवार से यात्रा करने के लिए टिकटों की बुकिंग कर ली या करवा लिया, लेकिन लॉकडाउन का आगामी 20 दिनों के लिए बढ़ जाने के बाद आईआरसीटीसी और रेल यात्रियों दोनों के समक्ष परेशानी खड़ी हो गयी है. अब ऐसे में लोगों के मन में यह सवाल पैदा हो रहा है कि उनके टिकट में लगे पैसे का रिफंड कैसे होगा या फिर उनके टिकट कैंसिल कैसे होंगे? रेलवे ने रेलयात्रियों के बीच पैदा हो रहे सवालों और खड़ी हो रही समस्याओं के निदान का उपाय बताया है. आइए, जानते हैं कि आपकी समस्याओं का रेलवे या आईआरसीटीसी कैसे समाधान करेगा…

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लेखक के बारे में

Author: KumarVishwat Sen

Published by: Prabhat Khabar

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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