सेंसेक्स 1310 अंक उछला, ईरान युद्ध थमने की उम्मीद से बाजार में तेजी

Indian Stock Market 15 April 2026: सेंसेक्स 1310 अंकों की बढ़त के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. ईरान युद्ध थमने की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भारतीय शेयर बाजार में भारी जोश भर दिया है.

Indian Stock Market 15 April 2026: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज के दिन की शुरुआत शानदार रही है. ग्लोबल संकेतों और ईरान युद्ध को खत्म करने की उम्मीदों ने इन्वेस्टर्स में भारी जोश भर दिया है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,310 अंक की भारी बढ़त के साथ 78,157 के स्तर पर पहुंच गया, वहीं निफ्टी भी 329 अंक उछलकर 24,235 के पार निकल गया. बाजार में इस हरियाली की सबसे बड़ी वजह वैश्विक शांति की उम्मीदें हैं. आइए समझते हैं कि बाजार की इस उड़ान के पीछे का मुख्य कारण क्या है. 

क्या ईरान युद्ध थमने की खबरों ने बाजार को पंख दिए?

जी हां, बाजार में आई इस तूफानी तेजी का सबसे बड़ा कारण भू-राजनीतिक तनाव में कमी आना है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद इन्वेस्टर्स में भरोसा जगा है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत फिर से शुरू हो सकती है. इस खबर के आते ही कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें गिरकर 93 डॉलर प्रति बैरल तक आ गईं, जिससे भारतीय बाजार को बड़ी राहत मिली है. 

किन सेक्टर्स में रही सबसे ज्यादा कमाई?

आज बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली. सबसे ज्यादा तेजी PSU बैंक, IT और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में रही. निफ्टी IT इंडेक्स 2.6% की बढ़त के साथ टॉप पर रहा. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 2% से ज्यादा की तेजी देखी गई. दिग्गज कंपनियों की बात करें तो इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) और इंफोसिस के शेयरों में जबरदस्त उछाल रहा, जबकि डॉ रेड्डीज और ONGC जैसे कुछ ही शेयर लाल निशान में दिखे.

क्या मोदी-ट्रंप की बातचीत का भी असर दिखा?

बाजार के जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई फोन कॉल ने भी इन्वेस्टर्स का उत्साह बढ़ाया है. दोनों नेताओं ने वैश्विक व्यापार के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) को खुला रखने की जरूरत पर जोर दिया है. इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली के मुकाबले घरेलू निवेशकों (DIIs) की खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी है. 

आगे क्या है एक्स्पर्ट्स की राय?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर शांति की बातचीत सफल रहती है और तेल की कीमतें 90 डॉलर के स्तर तक गिरती हैं, तो तेजी जारी रह सकती है. हालांकि, इन्वेस्टर्स को सावधान रहने की भी जरूरत है क्योंकि खाड़ी क्षेत्र में तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. फिलहाल, गिरते कच्चे तेल और मजबूत होते रुपए ने रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए अच्छे संकेत दिए हैं. 

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By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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