Indian Stock Market Investor Growth: भारतीय शेयर बाजार ने एक और बड़ा इतिहास रच दिया है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यूनिक ट्रेडिंग अकाउंट्स यानी क्लाइंट कोड्स की संख्या 26 करोड़ (260 मिलियन) को पार कर गई है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि सिर्फ 1 करोड़ अकाउंट्स जोड़ने में 4 महीने से भी कम का समय लगा है. मार्केट में उतार-चढ़ाव और दुनिया भर के तनाव के बावजूद आम लोगों का भरोसा बाजारों पर लगातार बढ़ रहा है.
इतनी तेजी से कैसे बढ़े इन्वेस्टर्स?
इस भारी तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह डिजिटल रिवोल्यूशन और आसान नियम हैं. आजकल मोबाइल ऐप्स से ट्रेडिंग करना बेहद आसान हो गया है. कैश मार्केट के कुल टर्नओवर में अब 20% से ज्यादा की हिस्सेदारी अकेले मोबाइल ट्रेडिंग की है. इसके अलावा, आसान KYC नियमों ने नए लोगों के लिए मार्केट में एंट्री के दरवाजे खोल दिए हैं. एनएसई (NSE) ने इन्वेस्टर अवेयरनेस प्रोग्राम्स को 5 गुना बढ़ा दिया है. FY20 में जहां सिर्फ 3,504 प्रोग्राम होते थे, वहीं FY26 में यह संख्या 17,902 पहुंच गई. अकेले FY26 में ही 9.4 लाख से ज्यादा लोगों ने इनमें हिस्सा लिया. इन्वेस्टर्स की सुरक्षा के लिए बने इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड में भी 30 अप्रैल 2026 तक 2,890 करोड़ रुपये जमा हैं.
किन राज्यों ने मारी बाजी?
मार्केट में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी बड़े राज्यों की है, लेकिन छोटे राज्य भी अब पीछे नहीं हैं. राज्यों के आंकड़ों को इस तरह समझा जा सकता है:
- महाराष्ट्र: 4.4 करोड़ अकाउंट्स के साथ सबसे आगे (कुल का 17%).
- उत्तर प्रदेश: लगभग 3 करोड़ अकाउंट्स के साथ दूसरे नंबर पर.
- गुजरात: 2.2 करोड़ अकाउंट्स.
- पश्चिम बंगाल और राजस्थान: दोनों राज्यों में 1.5-1.5 करोड़ अकाउंट्स हैं.
इन टॉप 5 राज्यों के पास कुल अकाउंट्स का 49% हिस्सा है. हालांकि, नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में सबसे तेज ग्रोथ देखी जा रही है. मिजोरम में 32.3%, सिक्किम में 30% और मेघालय में 29.2% अकाउंट्स पिछले पांच साल के मुकाबले अकेले साल 2025 में खुले हैं. अब टियर-2, टियर-3 और टियर-4 शहरों के लोग भी तेजी से जुड़ रहे हैं.
म्यूचुअल फंड और SIP का क्या हाल है?
लोग अब सीधे शेयर खरीदने के अलावा म्यूचुअल फंड के जरिए भी बाजार में पैसा लगा रहे हैं. अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच 7.2 करोड़ नए SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) अकाउंट्स खुले हैं. अगर मंथली एसआईपी इनफ्लो (हर महीने आने वाला पैसा) की बात करें, तो यह FY17 के 3,660 करोड़ रुपये से 8 गुना बढ़कर FY26 में 29,132 करोड़ रुपये हो चुका है. आज की तारीख में NSE लिस्टेड कंपनियों में आम निवेशकों (Individual Investors) की कुल हिस्सेदारी (डायरेक्ट और म्यूचुअल फंड मिलाकर) 18.7% हो चुकी है.
कमाई और मार्केट साइज कितना बढ़ा?
रिटर्न के मामले में भी बाजार ने निराश नहीं किया है. 4 जून 2026 तक के पिछले 5 वर्षों के आंकड़ों को देखें तो:
- Nifty 50 ने हर साल औसतन 7.1% का रिटर्न दिया है.
- Nifty 500 ने 9.8% का सालाना रिटर्न (Annualised Returns) दिया है.
- मार्केट कैप: NSE लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू 12.6% की सालाना रफ्तार (CAGR) से बढ़कर 462.2 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है.
लोग अब सिर्फ इक्विटी ही नहीं, बल्कि ETFs, REITs, InvITs, सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स में भी पैसा लगा रहे हैं. हाल ही में शुरू हुए इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) ने सोने में निवेश का नया रास्ता खोल दिया है.
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