Indian Stock Market 9 March 2026: सोमवार को जैसे ही शेयर मार्केट खुला, निवेशकों के चेहरे उतर गए. सेंसेक्स करीब 1862 अंक टूट गया और निफ्टी में भी 582 अंकों की बड़ी गिरावट दिखी है. इसे शेयर बाजार की भाषा में ‘ब्लडबाथ’ कहा जा रहा है, क्योंकि लगभग हर सेक्टर के शेयर लाल निशान में डूब गए हैं.
क्या कच्चे तेल की आग ने बाजार को झुलसा दिया?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, बाजार गिरने की सबसे बड़ी और सीधी वजह है क्रूड ऑयल (कच्चा तेल). एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें अचानक 25% बढ़कर 116 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं. अब आप सोचेंगे कि इससे शेयर बाजार का क्या लेना-देना? दरअसल, भारत अपनी जरूरत का 85% तेल बाहर से खरीदता है. तेल महंगा मतलब महंगाई का बढ़ना और कंपनियों का मुनाफा घटना. इसी डर से विदेशी निवेशकों ने अंधाधुंध बिकवाली शुरू कर दी है.
किन-किन चीजों के दाम अब आपको डराएंगे?
मार्केट एक्सपर्ट अजय बग्गा का कहना है कि तेल की इस तेजी का असर सिर्फ शेयर बाजार तक सीमित नहीं रहेगा. आने वाले दिनों में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें और बढ़ सकती हैं. इसका असर उन कंपनियों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा जो तेल का इस्तेमाल कच्चे माल के रूप में करती हैं. जैसे कि पेंट, टायर, केमिकल और एविएशन (हवाई जहाज) इंडस्ट्री.
क्या अब आपके पसंदीदा शेयर और सस्ते होंगे?
आज के दिन बाजार में जो बिकता है, उसे बेच दो वाला माहौल है. सबसे ज्यादा मार सरकारी बैंकों (PSU Banks) और ऑटो सेक्टर पर पड़ी है. निफ्टी ऑटो में 2.9% और सरकारी बैंकों के इंडेक्स में 4% की भारी गिरावट दर्ज की गई है.
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे एशियाई बाजारों में भी 7% तक की गिरावट देखी गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक युद्ध और ग्लोबल तनाव कम नहीं होता, बाजार में यह बेचैनी बनी रहेगी. निफ्टी के लिए 23,850 का स्तर बहुत अहम है अगर ये इससे और नीचे गया, तो समझ लीजिए कि गिरावट का खतरा और बढ़ जाएगा और शेयर और भी सस्ते हो सकते हैं.
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