Indian Stock Market 5 June 2026: शुक्रवार, 5 जून को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ खुले. निवेशकों की नजरें सुबह 10 बजे आने वाले रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) के फैसले पर टिकी हैं. इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) को सरकारी बॉन्ड में निवेश पर टैक्स राहत मिलने की खबरों ने बाजार का माहौल बेहतर किया है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty 50) 62.40 अंक चढ़कर 23,478.95 पर खुला और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (Sensex) 269.93 अंक की बढ़त के साथ 74,629.94 पर खुला.
सेक्टरों और वैश्विक बाजारों का क्या हाल है?
बाजार खुलते ही मीडिया, रियल्टी, फार्मा और आईटी सेक्टर के शेयरों में तेजी देखी गई, जिसमें निफ्टी मीडिया सबसे ज्यादा 1.53% बढ़ा. सिर्फ मेटल और प्राइवेट बैंक सेक्टर ही नुकसान में दिखे. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) मामूली बढ़त के साथ 95.37 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. हालांकि, एशियाई बाजारों से कमजोरी के संकेत मिले; जापान का निक्केई 1.61% और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 4.83% तक टूट गया. इस सुस्ती और विदेशी निवेशकों द्वारा गुरुवार को बाजार से 4,447 करोड़ रुपये निकालने के कारण भारतीय बाजार की बढ़त थोड़ी सीमित रही.
RBI पॉलिसी से बाजार को क्या उम्मीदें हैं?
जानकारों के मुताबिक, रिजर्व बैंक इस बार भी ब्याज दरों (रेपो रेट) को 5.25% पर बरकरार रख सकता है. अप्रैल में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.48% होने और वैश्विक ईंधन की कीमतें बढ़ने के कारण RBI का रुख थोड़ा सख्त (Hawkish) हो सकता है. बाजार को आशंका है कि केंद्रीय बैंक महंगाई का अनुमान बढ़ा सकता है और जीडीपी (GDP) ग्रोथ का अनुमान घटा सकता है.
किन वैश्विक घटनाओं पर है निवेशकों की नजर?
ब्याज दरों के अलावा, निवेशक दुनिया भर में चल रही कुछ बड़ी हलचलों पर नजर रख रहे हैं. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों का प्रदर्शन और पश्चिम एशिया (West Asia) में तनाव के बीच चल रही अमेरिका-इरान वार्ता शामिल है, जिसके अब 14 हफ्ते पूरे हो चुके हैं.
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